Tuesday, 30 September 2014

SAFAI ABHIYAN

    पूरे देश में इस बात की चर्चा है के गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री इस बार स्वयं झाड़ू लगा कर "सफाई अभियान " की शुरूआत करने जा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री अगर झाड़ू लगाएं तो जन जन का भी ये दायित्व बनता है के वो भी देश को साफ़ सुथरा रखने के लिए इस अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें। ऐसा नहीं के ये पहली बार हो रहा है। जब जब बापू का जन्म दिवस आता है इस तरह के आयोजन सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा किए जाते हैं।
लेकिन इस बार बात कुछ अलग है। क्योंकि ख़ुद प्रधानमंत्री झाड़ू लगाने जा रहे हैं। सभी वर्ग के लोगों में इस बात को लेकर चर्चाओं का सिलसिला शुरू हो चुका है। सभी अपने अपने ढंग से इस पर अपने विचार रख रहे हैं। लेकिन सरकारी तबके के लोगों में इस विषय को लेकर कुछ चिंता का माहौल है। सरकारी महकमों में इस बात की सुगबुगाहट है के यदि प्रधानमंत्री झाड़ू लगा रहे हैं तो उन्हें भी झाड़ू लगाने के आदेश आ सकते हैं।
नमालूम इस को लेकर सरकारी फरमान जारी हुआ या नहीं लेकिन सरकारी अवकाश रद्द किए जाने की ख़बर आग की तरह फ़ैल चुकी है। "सरकारी अवकाश" की कुर्बानी पर इस "सफाई अभियान" के मायने उन्हें समझ नहीं आ रहे हैं।
सरकारी तबका मायूस है !

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