दोस्तों नमस्कार।
मैं आप से खूब बातें करता रहता हूँ। इस बार सोचा के क्यों न ये जाना जाए के आप के मन में क्या चल रहा है।
क्या आप ने कहीं पढ़ा या सुना है के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में सार्वजानिक जगहों पर धुम्रपान करने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को २०० से बढ़ा कर २०००० रूपए का प्रस्ताव दिया है। ये एक अच्छा निर्णय है या आप को प्रजातंत्र में तुग़लकी फरमान जैसा लगता है ? ये आप खुद तय करें !
हरयाणा के विधान सभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। हरयाणा हमेशा दल बदलूओं के लिए मशहूर रहा है। लोकसभा में भाजपा की सुनामी क्या चली दूसरे दलों के नेताओं को जैसे अपनी पार्टी से एलर्जी होने लगी। हरयाणा के नेताओं ने तो कमाल ही कर दिया है इधर से उधर पाला इस तरह बदल रहे हैं मानो उनके लिए राजनीति का मतलब केवल सत्ता हासिल करना हो। जनता की उन्हें कोई चिंता नहीं। ऐसे में इन जैसे लोगों को वोट देना चाहिए या नहीं ? ये आप खुद तय करें !
पांच वर्ष पूर्व ( सी। बी। एस। ई। ) सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन द्वारा सी। सी। ई। प्रणाली को शुरू किया गया था। मकसद केवल एक था के बच्चों को बस पास होना चाहिए। बेशक़ वो जीवन की परीक्षा में फेल हो जाए। उस समय खूब हो हल्ला मचा के इस से शिक्षा का स्तर गिर जाएगा। अब समाचार ये है के पहले की तरह दोबारा वार्षिक परीक्षा होंगी। अब पास वही होगा जो किताबों को पढ़ कर लिखने में सक्षम होगा। हमारी शिक्ष प्रणाली ठीक है या गलत ? ये आप खुद तय करें !
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में तापी नदी ने जिस तरह से प्रकोप बरपाया है उससे तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति को अपने साथ अब और छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं है। ये तो हम सब जानते हैं के आपदा कभी दस्तक दे कर नहीं आती परन्तु देश के अलग अलग भागों में जिस तरह प्राकृतिक विसंगतियां होने लगी हैं ये बिल्कुल दस्तक देने जैसा ही है। इस सब के लिए दोषी कौन है ? ये आप खुद तय करें !
एक जर्मन कवि फ्रेडरिक होल्डरलिन ने लिखा है ," धरती इस लिए नरक बन रही है ,क्योंकि मनुष्य इसे अपना स्वर्ग बनाने कोशीश कर रहा है।" हम इस धरती को स्वर्ग बना रहे हैं या नरक ? ये आप खुद तय करें !
अच्छा दोस्तों फिर मिलते हैं। कुछ तय कर लें तो मुझे ज़रूर बताइएगा !
मैं आप से खूब बातें करता रहता हूँ। इस बार सोचा के क्यों न ये जाना जाए के आप के मन में क्या चल रहा है।
क्या आप ने कहीं पढ़ा या सुना है के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में सार्वजानिक जगहों पर धुम्रपान करने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को २०० से बढ़ा कर २०००० रूपए का प्रस्ताव दिया है। ये एक अच्छा निर्णय है या आप को प्रजातंत्र में तुग़लकी फरमान जैसा लगता है ? ये आप खुद तय करें !
हरयाणा के विधान सभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। हरयाणा हमेशा दल बदलूओं के लिए मशहूर रहा है। लोकसभा में भाजपा की सुनामी क्या चली दूसरे दलों के नेताओं को जैसे अपनी पार्टी से एलर्जी होने लगी। हरयाणा के नेताओं ने तो कमाल ही कर दिया है इधर से उधर पाला इस तरह बदल रहे हैं मानो उनके लिए राजनीति का मतलब केवल सत्ता हासिल करना हो। जनता की उन्हें कोई चिंता नहीं। ऐसे में इन जैसे लोगों को वोट देना चाहिए या नहीं ? ये आप खुद तय करें !
पांच वर्ष पूर्व ( सी। बी। एस। ई। ) सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन द्वारा सी। सी। ई। प्रणाली को शुरू किया गया था। मकसद केवल एक था के बच्चों को बस पास होना चाहिए। बेशक़ वो जीवन की परीक्षा में फेल हो जाए। उस समय खूब हो हल्ला मचा के इस से शिक्षा का स्तर गिर जाएगा। अब समाचार ये है के पहले की तरह दोबारा वार्षिक परीक्षा होंगी। अब पास वही होगा जो किताबों को पढ़ कर लिखने में सक्षम होगा। हमारी शिक्ष प्रणाली ठीक है या गलत ? ये आप खुद तय करें !
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में तापी नदी ने जिस तरह से प्रकोप बरपाया है उससे तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति को अपने साथ अब और छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं है। ये तो हम सब जानते हैं के आपदा कभी दस्तक दे कर नहीं आती परन्तु देश के अलग अलग भागों में जिस तरह प्राकृतिक विसंगतियां होने लगी हैं ये बिल्कुल दस्तक देने जैसा ही है। इस सब के लिए दोषी कौन है ? ये आप खुद तय करें !
एक जर्मन कवि फ्रेडरिक होल्डरलिन ने लिखा है ," धरती इस लिए नरक बन रही है ,क्योंकि मनुष्य इसे अपना स्वर्ग बनाने कोशीश कर रहा है।" हम इस धरती को स्वर्ग बना रहे हैं या नरक ? ये आप खुद तय करें !
अच्छा दोस्तों फिर मिलते हैं। कुछ तय कर लें तो मुझे ज़रूर बताइएगा !
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