अख़बारों में तस्वीरें छपने लगी हैं,ब्लॉग्स पोस्ट किए जा रहे हैं , रिकार्ड्स बनाने की तैयरीयां शुरू हो गई हैं , बुतों को नहलाया जा रहा है , बुतों पर फूल मालाएं डाली जा रही हैं , राजनेता शहीदों को स्मरण करने लगे हैं , पत्रकार ख़बरें लिखने में मशगूल हैं ,प्रेस फोटोग्राफर्स धड़ाधड़ तस्वीरें खींच रहे हैं ,लेखक पुस्तकें छपवा रहे है ………………२३ मार्च को शहीदे आज़म भगत सिंह का शहादत दिवस है।
शहीदी दिवस मनाने का ये अंदाज़े बयां भी ख़ूब है !
अभी तो यह आग जलती रहे, जलती रहे
जिंदगी यों ही कड़ाहों में उबलती रहे .………………… दुष्यंत
शहीदी दिवस मनाने का ये अंदाज़े बयां भी ख़ूब है !
अभी तो यह आग जलती रहे, जलती रहे
जिंदगी यों ही कड़ाहों में उबलती रहे .………………… दुष्यंत
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