प्रणाम ! मेरा पहला ख़त आप सब को मिल गया होगा। मन में तो बहुत सी बातें हैं लिखने को। परन्तु इतना ही कहूंगा के फरवरी माह खूब अच्छे व व्यस्तता से बीता।
पिछले हफ्ते अम्बाला में एम आर धीमान के श्रद्धांजली समारोह में ढिल्लों साब से मिलना हुआ। १९८७ -८८ में दयाल सिंह कॉलेज की ओर से दिल्ली में आयोजित "अपना उत्सव "में भाग लिया था। देश प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से कईं प्रतिभागियों ने इस में शिरकत की थी। अम्बाला एस। डी। कॉलेज से भी टीम ने भाग लिया था। अम्बाला की टीम के इंचार्ज ढिल्लों साब थे। २५ साल के बाद नाटक के ज़रिए ढिल्लों साब से मुलाक़ात हो गई। इंडियन थिएटर चंडीगढ़ में हमारे साथ ट्रैनिंग करने वाले अनिल दत्ता से भी यहाँ एक लम्बे अर्से के बाद मिलना हुआ। दत्ता आजकल पंजाब केसरी अख़बार का पत्रकार है।
पिछले हफ्ते ही बबलू दुबई से वापिस हिंदुस्तान आया। बबलू ने मेरे एक साल बाद इंडियन थिएटर में चंडीगढ़ से पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। आज कल किसी गारमेंट कंपनी में वहाँ का मार्केटिंग का हेड है। बेटा ज़यादा बीमार था इसलिए उसे आना पड़ा।बेटा अब ठीक है। २२ फरवरी को वो वापिस दुबई लौट गया।उस के साथ उसका दोस्त जॉन्टी भी था।जॉन्टी को यहाँ एक इनोवा गाड़ी पसन्द आ गई। डॉ डेंग ने मेरे कहने पर बिना कोई पैसे लिए गाड़ी उसे सौंप दी। पेमेंट अभी आनी है।
समीर हमेशा की तरह मस्त है। हम दोनों ने शाम को एक घंटे की सैर शुरू कर दी है। कब तक चलेगी मालूम नहीं। राहुल भाई ठीक है। अपनी किस्मत से नाखुश रहता है। ख़ूब मेहनत करता है पर रिजल्ट्स उसके पक्ष में नहीं होते। डॉ डेंग की आजकल पोह बारह है। कारों की सेल परचेज़ का काम चल निकला है। दो पार्टनर जीतू और राकेश के साथ मिल कर काम कर रहा है। लाली ईद का चाँद हो गया है। बबलू मित्तल कभी कभी मिल जाता है।
धोनी की विदेशी ज़मीं पर लगातार १४ वीं हार से तो आप वाकिफ़ ही होंगे। केजरीवाल की नौटंकी का तो सब को पता चल ही चुका है। धोनी ब्रिगेड ने पिछले ३२ महीनों से विदेशी धरती पर एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है। लगातार १४ टेस्ट मैच में हार से धोनी ब्रिगेड पर सवाल उठना वाजिब ही है।युवराज १४ करोड़ का खिलाडी होने के बावज़ूद राष्ट्रीय टीम में निरंतरता के लिए जूझ रहा है। ज़हीर ,गौतम गम्भीर ,सहवाग ,युसूफ और इरफ़ान पठान को शायद लोग भूल चुके हैं।धोनी के पांव में चोट के कारण विराट कोहली को एशिया कप के लिए कप्तानी सौंपी गई है।२६ जनवरी को बांग्लादेश के साथ हुए मैच को अपने दम पर जीत कर कोहली ने भावी कप्तान के रूप में अपना दावा ठोक दिया है।
स्कूल में वसंत उत्सव धूमधाम से मनाया गया। बच्चों के साथ पतंगबाज़ी का ख़ूब लुत्फ़ उठाया। हाँ सच फरवरी के शुरूआत में स्कूल में आयोजित मैजिक शो के ज़रिए बच्चों को बताने की कोशिश की गई के जादू-वादू सब हाथ की सफाई होती है।
२२ फरवरी को स्कूल में दसवीं कक्षा के बच्चों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बच्चों ने खूब धमाल मचाया। मेरे गुरु डॉ मदन गुलाटी और स्कूल के डायरेक्टर सरनपाल सिंह ने भी शिरकत की। डॉ गुलाटी ने हमेशा की तरह अपने ओजस्वी भाषण से सब का मार्ग दर्शन किया।
२६ फरवरी को स्कूल में वार्षिक उत्सव व् पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया।बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सब का मन मोह लिया। मोहित शर्मा व स्वीनी को स्कूल के सर्वश्रेष्ठ छात्र छात्रा के रूप में सम्मानित किया गया।
मेरी बहन बेबी व भूषण मदान जी की विवाह सालगिरह व पवन भाई का जन्म दिवस भी इसी माह था। सभी को मेरी शुभकामनायें।रिश्ते में भतीजी मंदीप कौर ने बिटिया को जन्म दिया है। मंदीप को मेरी और परिवार की और से ढेर सारी बधाई।
राजनीति की तरह यहाँ भी मौसम बदल गया है। सर्दी लगभग जा चुकी है। धुंध और ठंडी हवाओं के बाद धूप सेंकना आजकल अच्छा लग रहा है।
मैंने जब बिटिया को बताया के आज कल चिठ्ठी लिखने का काम कर रहा हूँ तो बेटी ने भी आज अपने जीवन की पहली चिठ्ठी अपने भाई को लिख डाली। चिठ्ठी लिखने के अनुभव को साँझा करते हुए वो फूले नहीं समा रही। आजकल १२ वीं के पेपरों की तैयारी में जुटी हुई है।
अगली चिठ्ठी का इंतज़ार करना !
………………………………………………to be continued.
पिछले हफ्ते अम्बाला में एम आर धीमान के श्रद्धांजली समारोह में ढिल्लों साब से मिलना हुआ। १९८७ -८८ में दयाल सिंह कॉलेज की ओर से दिल्ली में आयोजित "अपना उत्सव "में भाग लिया था। देश प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से कईं प्रतिभागियों ने इस में शिरकत की थी। अम्बाला एस। डी। कॉलेज से भी टीम ने भाग लिया था। अम्बाला की टीम के इंचार्ज ढिल्लों साब थे। २५ साल के बाद नाटक के ज़रिए ढिल्लों साब से मुलाक़ात हो गई। इंडियन थिएटर चंडीगढ़ में हमारे साथ ट्रैनिंग करने वाले अनिल दत्ता से भी यहाँ एक लम्बे अर्से के बाद मिलना हुआ। दत्ता आजकल पंजाब केसरी अख़बार का पत्रकार है।
पिछले हफ्ते ही बबलू दुबई से वापिस हिंदुस्तान आया। बबलू ने मेरे एक साल बाद इंडियन थिएटर में चंडीगढ़ से पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। आज कल किसी गारमेंट कंपनी में वहाँ का मार्केटिंग का हेड है। बेटा ज़यादा बीमार था इसलिए उसे आना पड़ा।बेटा अब ठीक है। २२ फरवरी को वो वापिस दुबई लौट गया।उस के साथ उसका दोस्त जॉन्टी भी था।जॉन्टी को यहाँ एक इनोवा गाड़ी पसन्द आ गई। डॉ डेंग ने मेरे कहने पर बिना कोई पैसे लिए गाड़ी उसे सौंप दी। पेमेंट अभी आनी है।
समीर हमेशा की तरह मस्त है। हम दोनों ने शाम को एक घंटे की सैर शुरू कर दी है। कब तक चलेगी मालूम नहीं। राहुल भाई ठीक है। अपनी किस्मत से नाखुश रहता है। ख़ूब मेहनत करता है पर रिजल्ट्स उसके पक्ष में नहीं होते। डॉ डेंग की आजकल पोह बारह है। कारों की सेल परचेज़ का काम चल निकला है। दो पार्टनर जीतू और राकेश के साथ मिल कर काम कर रहा है। लाली ईद का चाँद हो गया है। बबलू मित्तल कभी कभी मिल जाता है।
धोनी की विदेशी ज़मीं पर लगातार १४ वीं हार से तो आप वाकिफ़ ही होंगे। केजरीवाल की नौटंकी का तो सब को पता चल ही चुका है। धोनी ब्रिगेड ने पिछले ३२ महीनों से विदेशी धरती पर एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है। लगातार १४ टेस्ट मैच में हार से धोनी ब्रिगेड पर सवाल उठना वाजिब ही है।युवराज १४ करोड़ का खिलाडी होने के बावज़ूद राष्ट्रीय टीम में निरंतरता के लिए जूझ रहा है। ज़हीर ,गौतम गम्भीर ,सहवाग ,युसूफ और इरफ़ान पठान को शायद लोग भूल चुके हैं।धोनी के पांव में चोट के कारण विराट कोहली को एशिया कप के लिए कप्तानी सौंपी गई है।२६ जनवरी को बांग्लादेश के साथ हुए मैच को अपने दम पर जीत कर कोहली ने भावी कप्तान के रूप में अपना दावा ठोक दिया है।
स्कूल में वसंत उत्सव धूमधाम से मनाया गया। बच्चों के साथ पतंगबाज़ी का ख़ूब लुत्फ़ उठाया। हाँ सच फरवरी के शुरूआत में स्कूल में आयोजित मैजिक शो के ज़रिए बच्चों को बताने की कोशिश की गई के जादू-वादू सब हाथ की सफाई होती है।
२२ फरवरी को स्कूल में दसवीं कक्षा के बच्चों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बच्चों ने खूब धमाल मचाया। मेरे गुरु डॉ मदन गुलाटी और स्कूल के डायरेक्टर सरनपाल सिंह ने भी शिरकत की। डॉ गुलाटी ने हमेशा की तरह अपने ओजस्वी भाषण से सब का मार्ग दर्शन किया।
२६ फरवरी को स्कूल में वार्षिक उत्सव व् पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया।बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सब का मन मोह लिया। मोहित शर्मा व स्वीनी को स्कूल के सर्वश्रेष्ठ छात्र छात्रा के रूप में सम्मानित किया गया।
मेरी बहन बेबी व भूषण मदान जी की विवाह सालगिरह व पवन भाई का जन्म दिवस भी इसी माह था। सभी को मेरी शुभकामनायें।रिश्ते में भतीजी मंदीप कौर ने बिटिया को जन्म दिया है। मंदीप को मेरी और परिवार की और से ढेर सारी बधाई।
राजनीति की तरह यहाँ भी मौसम बदल गया है। सर्दी लगभग जा चुकी है। धुंध और ठंडी हवाओं के बाद धूप सेंकना आजकल अच्छा लग रहा है।
मैंने जब बिटिया को बताया के आज कल चिठ्ठी लिखने का काम कर रहा हूँ तो बेटी ने भी आज अपने जीवन की पहली चिठ्ठी अपने भाई को लिख डाली। चिठ्ठी लिखने के अनुभव को साँझा करते हुए वो फूले नहीं समा रही। आजकल १२ वीं के पेपरों की तैयारी में जुटी हुई है।
अगली चिठ्ठी का इंतज़ार करना !
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