Monday, 10 March 2014

नकाबपोश


नकाबपोश....!

अब दुम हिलाते
अलग अलग टुकड़ियों में
 आप की गलियों में
इन के चक्कर लगेंगे
  ये मत समझना
के वफ़ादार हो गए हैं
 ध्यान रहे ये धोखेबाज हैं
कभी भी ठग सकते हैं।

 चुनावी रंग में रंगे
 नज़र आएंगे ये सब
आप से अपनेपन की दुहाई देंगे
 ये मत समझना
के अपने हो गए हैं
ध्यान रहे ये मौका परस्त हैं
कभी भी धोखा दे सकते हैं।

घर घर जायेंगे ये
 आप से बहुत सारे वायदे करंगे
 ये सब  मत समझना
के रक्षक हो गए हैं
ध्यान रहे ये भक्षक हैं
कभी भी हर सकते हैं।

आप की तरफ भी आ सकते हैं
आप के आस पास रहेगे
ये मत समझना
के आप का ध्यान रखेंगे
 ध्यान रहे ये बरसाती मेंढक हैं
  अब आए हैं
फिर पाँच साल बाद दिखाई देंगे।

 इन पर भरोसा मत करना
इन की नस्ल पर मत जाना
ये मत समझना
के ये सफेदपोश हैं
ध्यान रहे ये नक़ाबपोश हैं
नक़ाब पहने हैं ये।   

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