Friday, 23 January 2015

A LETTER...EK CHITHEE (PART-28)

                                                                   जनवरी नामा -2
दोस्तों ,
बचपन से ये सुनते और पढ़ते आ रहे हैं के वक़्त बलवान है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर सच में ये समझ आने लगा है के वक़्त के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता। सर्दियों की छुट्टियों के बाद 15 जनवरी को स्कूल खुले तो ख़बर मिली के नंगल (पंजाब ) में हमारी आंटी बिमला देवी ओहरी इस दुनिया में नहीं रही। 16 जनवरी को संस्कार और 18 जनवरी को रस्म पगड़ी थी। श्रद्धांजलि।
 ये भी पढ़ते और सुनते हुए आ रहे हैं के सूर्य पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है व जीवन मृत्यु कड़वे सत्य हैं। कईं बार सोचता हूँ के ये साइंस है या सच में कोई अदृश्य शक्ति है जो इस पूरी सृष्टि को चला रही है। क्या सच में कोई ऐसी शक्ति है जो सब कुछ तय करती है और मनुष्य रुपी रोबोट को किर्यान्वित और संचालित करती है। जानता हूँ इस मनुष्य को सभी अलग अलग तरह से परिभाषित करते है। कोई इसे मिट्टी का खिलौना तो कोई इसे कठपुतली का नाम देता है। सभी की परिभाषा को समझने की कोशिश करता हूँ तो जितना कुछ समझ आता है वो बस यही है कि मनुष्य स्वयं कुछ नहीं। वो तो बस यूं ही गुमां करता है ,अपना दम भरता है। कल रितु के पति हरीश की आकस्मिक मृत्यु के समाचार से कर्ण परिवार के साथ मैं सकते में हूँ। रितु हमारे साथ स्कूल में काम करती थी। कुछ समय पहले ही दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर गई थी। हर हाल में खुश और मुस्कुराते रहने वाली रितु व उसके परिवार को ये अदृश्य शक्ति इस दुःख को सहने की ताकत प्रदान करे। 20 जनवरी को शोक सभा में जाना हुआ। श्रद्धांजलि।
करनाल की सामाजिक संस्था निफा द्वारा दयाल सिंह कॉलेज में "लोहड़ी लड़कियों के नाम " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरियाणा के राज्यपाल महामहिम प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।इस भव्य कार्यक्रम में करनाल ज़िले के सभी विधायक और हरियाणा सरकार के मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मेरे साथ दयाल सिंह कॉलेज में पढ़ने वाले हरिंदर कल्याण से भी मिलने का मौका मिला। हरिंदर कल्याण घरौंडा से विधायक हैं। मुझे झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले बच्चों के साथ एक लघु नाटिका का निर्देशन करने का अवसर भी मिला। निफा के मुखिया प्रितपाल पन्नू के काम करने की शैली और सादगी ने प्रभावित किया। बच्चों ने अच्छा परफॉर्म किया।
दयाल सिंह कॉलेज में नाटक की रिहर्सल का दृश्य
हालांकि की स्कूल में छुट्टियां थी फिर भी हर वर्ष की भाॅंति स्कूल में 13 जनवरी को लोहड़ी का त्यौहार मनाने के लिए सभी टीचर्स जुट गए। बहुत ही सादगी से अग्नि पूजा कर लोहड़ी का त्यौहार मनाया गया।
कर्ण पब्लिक स्कूल में लोहड़ी मनाते अध्यापिकाएं
जब आग में मुंगफली को आग में डालने कारण जानने की कोशिश की तो पता चला के इस से पापों नाश हो जाता है। अजब गजब की किंवदंतियां हैं हमारे यहाँ !
1 से 15 जनवरी तक  स्कूल में छुट्टियां थी। छुट्टियों में कहीं घूमना नहीं हो सका था। छुट्टियों की पूर्व संध्या पर बबलू और संजय मल्होत्रा करनाल रुके। अच्छा लगा। इसके बाद 17 जनवरी को  पंचकुला में J . P के घर में दोबारा मुलाकात हुई। बबलू ने पुराने साथियों अनिल दत्ता ,बेगोवाल ,नागेश धवन से बातचीत करवा दी। ये सभी चंडीगढ़ पंजाब युनिवर्सिटी में साथ थे।
31 दिसंबर को करनाल में बनी फिल्म "एक था भुजंग" सेंसर ने पास कर दी थी। फिल्म का पोस्टर भी लांच हो गया है। फिल्म में मैंने भी एक role किया है। इसीलिए शायद इस फिल्म का ज़िक्र बार -बार हो जाता है।फिल्म का पोस्टर बहुत सुन्दर बना है।

उधर अमितोष करनालवी और कंपनी टीम  कलाकारों ने chille में "पिया बहरूपिया " नाटक का 100 वां सफल मंचन किया। अमितोष और नाटक की पूरी टीम को बधाई। नाटक के बारे में बस इतना कहूँगा के ये ULTIMATE है।Piya Behrupiya (Twelfth Night)
                                                                                                                                                                         अच्छा दोस्तों फिर मिलते हैं।

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