अलविदा - 2014
सबसे पहले आप सब को नववर्ष -2015 मुबारक़ हो । चिट्ठियां लिख कर बहुत कुछ आप से शेयर करता हूँ फिर भी बहुत कुछ छूट जाता है। वैसे तो अपनी पिछली 25 चिट्ठियों में सब कुछ शेयर कर ही चूका हूँ। पिछले दो महीनों में जो कुछ आप से share नहीं कर पाया वो इस चिट्ठी के ज़रिये आप तक पहुंचा रहा हूँ।
पिछले दो महीनों में परिवार के बहुत करीबी अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर प्रभु चरणों में लीन हो गए।
धीरेश के पिता मलखान सिंह सैनी की मृत्यु हो गई है। धीरेश पत्रकार है और आजकल रोहतक में नवभारत के साथ जुड़ा हुआ है। एक लम्बे अरसे के बाद लोहारी गांव में जाना हुआ। मिलना जुलना कम हो जाए तो बहुत कुछ छूट जाता है। धीरेश के पिता मलखान सिंह सैनी इलाके के विधायक थे। अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए पुरे इलाके में मशहूर थे। उनसे बहुत बार मिलना हुआ। सच में हम आप को miss केरेंगे।
मेरे बेटे कशिश के दोस्त जोंटी के पिता की मृत्यु से हम सकते में थे । जोंटी के दादा सीताराम अदलखा कशिश के दादा के अच्छे मित्र थे। उन्होंने मियांवाली बिरादरी के लिए बहुत काम किया।
हमारे साथ स्कूल में नर्सरी टीचर Mrs डावर के पति भी अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करके प्रभु चरणो में लीन हो गए।मेरी बहन के ससुर चौधरी रणजीत सिंह आहलूवालिया भी प्रभु चरणों में लीन हो गए। उन्होंने बिरादरी और समाज कार्यों में सदैव बढ़ चढ़ कर भाग लिया। भगवन से मेरी यही प्रार्थना है के उनकी आत्मा को शांति और परिवार के सभी सदस्यों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
सभी दिवंगत आत्माओं को मेरी भाव भीनी श्रद्धांजलि।
इस बार भी K V A D A V कॉलेज फॉर गर्ल्स में नाटक करवाया। मेरे दोस्त मोहिन्दर द्वारा लिखित नाटक अपहरण और नाटिका तेज़ाब किया गया। अच्छा एक्सपीरियंस रहा।
http://krishankumarmalik.blogspot.in/2014/11/a-letterek-chithee-part-22.html ब्लॉग पढ़ सकते हैं।
दोस्तों का ज़िक्र करना भी ज़रूरी है। ये वो लोग हैं जिनसे साल भर बातचीत होती रही। समीर ,राहुल ,राजीव चौधरी ,वीरप्रकाश भाटिया दुःख सुख में हमेशा साथ खड़े रहे। लाली की बिटिया की शादी हो गई है। डॉ डेंग ,जीत और राकेश कारें बेचने में मशगूल हैं। नरवाना में सिर्फ तरसेम से बातचीत और मिलना जुलना होता है। बचपन का साथी राजेंदर शर्मा न जाने कहाँ गायब हो गया है। एक अरसा हो गया है राजेन्द्र उर्फ़ पप्पू से मिले।
दलजिंदर भाई ने एक हिंदी film सावी में काम कर लिया है। पिछले दिनों बातचीत हुई थी। फिल्म जल्द release होने वाली है। शुभकामनायें। पुनीत जालंधर से शिमला दूरदर्शन का हेड हो गया है। दलजिंदर और पुनीत दोनों ने इकट्ठे वर्ष १९८८ में इंडियन थिएटर किया था।
यशिका बिटिया कॉलेज में पहले वर्ष में ही क्लास REPRESENTATIVE चुनी गई।याशिका कॉलेज में मिस elegant भी चुनी गई।रजनी जो हमारे स्कूल में टीचर थी और विदेश चली गई थी। उससे अक्सर बातचीत हो जाया करती थी। पिछली बार जब वो इंडिया आई थी तो स्कूल में सब से मिलने आई थी। इस बार कब आई और कब चली गई पता ही नहीं चला।
जालंधर से डॉ अजय शर्मा व धर्मेंदर से बातचीत होती रही। दोनों अख़बार से जुड़े हैं। डॉ शर्मा साहित्य क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं।अमितोष नागपाल का नाटक "पिया बहरूपिया "देश विदेश में धूम मचा रहा है। आज कल उनका ग्रुप ब्राज़ील में है।
मोहिन्दर की फिल्म "एक था भुजंग " C F S I से approve हो गई है। सेंसर बोर्ड से भी पास हो गई है।
मई -जून 2015 में रिलीज़ करने का प्रोग्राम है। सब को इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है। एडवोकेट साहनी ने तो फिल्म का ज़िक्र करना ही बंद कर दिया है।उनका इस फिल्म में एक किरदार है।
पिछली बार जब मोहिन्दर मुंबई से करनाल आया तो उनके घर संत अमरीक देव के दर्शन करने का मौका भी मिला।
संत अमरीक देव निर्मल अनुयायी हैं ,उन्होंने अपनी करोड़ों की सम्पति निर्मल धाम को दान कर दी है और वे करनाल में वृद्ध आश्रम और ज़रूरतमंद बच्चों के लिए फ्री शिक्षा के लिए स्कूल चला रहे हैं। यहाँ लगभग 1500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। खूब बातें हुई उनसे। यहाँ ये बताना ज़रूरी है के वो कल्पना चावला के चाचा हैं।
अजब संजोग और भरपूर मस्ती। अम्बाला की तरफ से गुज़र रहा था ,इसे अजब संजोग ही कहें के फ़ोन पर बात हुई और सभी हो गए इकट्ठा सिहंपुर में। खूब धमाल मचाया सभी ने।
परिवार के लोग जब इकठ्ठा होते हैं तो अच्छा लगता ही है। वैसे रिश्ते औपचारिकता भर ही रह गए हैं।
परिवर्तन का साल रहा 2014 लोगों ने पिछली सरकार से तंग आ कर भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत से चुना। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। रिजल्ट कार्ड आना अभी बाकी है।शेयर बाजार ने भी इस वर्ष नई ऊंचाइयों को छुआ। पाकिस्तान में स्कूली बच्चों पर आतंकी हमले ने दहला कर रख दिया।
20 दिसंबर को भांजे बिन्नी की हैदराबाद में passing out parade में जाने का मौका मिला। वो Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर हो गया है।
ज़बरदस्त अनुभव के साथ सभी गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं।बिन्नी के पिता , माँ ,बहन और भाई कन्नू व निशु भी साथ ही थे।

मस्ती भरी पलों में इन तीनों की फोटो क्लिक की। तीनों भाइयों ने खूब एन्जॉय किया।
Karan public school में बरस-2014 कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। 28 दिसम्बर को annual function किया। डॉ मदन गुलाटी ने मुख्य अतिथि और डॉ अशोक मेहता ने गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में शिरकत की।
बच्चों ने अपनी परफॉरमेंस से धमाल मचा दिया।
बच्चों की मेहनत लग्न और teachers की प्रतिबद्धता ने प्रभावित किया।
Art & Craft टीचर उमीशा ,भंडारी मैडम की बिटिया आशिना ,science टीचर मोना मलिक और नवज्योत कौर का विशेष धन्यवाद। इन्होंने बच्चों में छिपी प्रतिभा को समझने और तराशने का काम किया। बरस 2014 ही नहीं बल्कि जीवन के 10 बरस स्कूल में कैसे बीत गए पता ही नहीं चला। जीवन यूं ही चलता रहे और समय का पता ही न चले इस से बढ़ी ख़ुशी क्या हो सकती है ! अधिकतर समय स्कूल में ही बीतता है इस लिए अपने साथियों का ज़िक्र ज़रूर करना चाहूँगा। ऐसे तो सभी टीचर्स ने बढ़िया काम किया लेकिन स्कूल में मेरे साथ नवज्योत कौर ,सुनीता भंडारी ,मंजू ने खूब लग्न और मेहनत से काम किया। इस साल उनके काम करने के स्टाइल में गजब का बदलाव देखने को मिला। मोना मलिक ,जया ,रेनू ,पूजा ,निर्मला ,ममता और पूनम की भागेदारी भी सराहनीय रही।दिनेश ,बाबा ,नरेश ,सतीश और मानसिहं ने भी भरपूर सहयोग दिया।
सर्दी की वजह से स्कूल में छुट्टियां हो गई हैं। 1 जनवरी को स्कूल में इकट्ठा हो कर अध्यापकों ने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।
इसी बरस अपने जीवन की Half Century भी पूरी कर ली।http://krishankumarmalik.blogspot.in/2014/11/a-letterek-chithee-part-25.html जीवन से कोई शिकवा नहीं ,जितना जिया भरपूर जिया।
दुःख सुख ,लाभ हानि और जीवन मृत्यु हमारी रोज़मर्रा ज़िंदगी का हिस्सा हैं। 2014 बीत चुका है। पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो यही लगता है के आज पूरे विश्व में शांति और मानवता की ज़रुरत है। नया साल 2015 आरम्भ हो चुका है। आओ सब मिल कर पूरे विश्व कल्याण के लिए दुआ करें और इस के लिए सार्थक प्रयास भी करें ।
आप सब को पुनः नववर्ष २०१५ के लिए शुभकामनायें !
सबसे पहले आप सब को नववर्ष -2015 मुबारक़ हो । चिट्ठियां लिख कर बहुत कुछ आप से शेयर करता हूँ फिर भी बहुत कुछ छूट जाता है। वैसे तो अपनी पिछली 25 चिट्ठियों में सब कुछ शेयर कर ही चूका हूँ। पिछले दो महीनों में जो कुछ आप से share नहीं कर पाया वो इस चिट्ठी के ज़रिये आप तक पहुंचा रहा हूँ।
पिछले दो महीनों में परिवार के बहुत करीबी अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर प्रभु चरणों में लीन हो गए।
धीरेश के पिता मलखान सिंह सैनी की मृत्यु हो गई है। धीरेश पत्रकार है और आजकल रोहतक में नवभारत के साथ जुड़ा हुआ है। एक लम्बे अरसे के बाद लोहारी गांव में जाना हुआ। मिलना जुलना कम हो जाए तो बहुत कुछ छूट जाता है। धीरेश के पिता मलखान सिंह सैनी इलाके के विधायक थे। अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए पुरे इलाके में मशहूर थे। उनसे बहुत बार मिलना हुआ। सच में हम आप को miss केरेंगे।
मेरे बेटे कशिश के दोस्त जोंटी के पिता की मृत्यु से हम सकते में थे । जोंटी के दादा सीताराम अदलखा कशिश के दादा के अच्छे मित्र थे। उन्होंने मियांवाली बिरादरी के लिए बहुत काम किया।
हमारे साथ स्कूल में नर्सरी टीचर Mrs डावर के पति भी अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करके प्रभु चरणो में लीन हो गए।मेरी बहन के ससुर चौधरी रणजीत सिंह आहलूवालिया भी प्रभु चरणों में लीन हो गए। उन्होंने बिरादरी और समाज कार्यों में सदैव बढ़ चढ़ कर भाग लिया। भगवन से मेरी यही प्रार्थना है के उनकी आत्मा को शांति और परिवार के सभी सदस्यों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
सभी दिवंगत आत्माओं को मेरी भाव भीनी श्रद्धांजलि।
इस बार भी K V A D A V कॉलेज फॉर गर्ल्स में नाटक करवाया। मेरे दोस्त मोहिन्दर द्वारा लिखित नाटक अपहरण और नाटिका तेज़ाब किया गया। अच्छा एक्सपीरियंस रहा।
http://krishankumarmalik.blogspot.in/2014/11/a-letterek-chithee-part-22.html ब्लॉग पढ़ सकते हैं।
दोस्तों का ज़िक्र करना भी ज़रूरी है। ये वो लोग हैं जिनसे साल भर बातचीत होती रही। समीर ,राहुल ,राजीव चौधरी ,वीरप्रकाश भाटिया दुःख सुख में हमेशा साथ खड़े रहे। लाली की बिटिया की शादी हो गई है। डॉ डेंग ,जीत और राकेश कारें बेचने में मशगूल हैं। नरवाना में सिर्फ तरसेम से बातचीत और मिलना जुलना होता है। बचपन का साथी राजेंदर शर्मा न जाने कहाँ गायब हो गया है। एक अरसा हो गया है राजेन्द्र उर्फ़ पप्पू से मिले।
दलजिंदर भाई ने एक हिंदी film सावी में काम कर लिया है। पिछले दिनों बातचीत हुई थी। फिल्म जल्द release होने वाली है। शुभकामनायें। पुनीत जालंधर से शिमला दूरदर्शन का हेड हो गया है। दलजिंदर और पुनीत दोनों ने इकट्ठे वर्ष १९८८ में इंडियन थिएटर किया था।
यशिका बिटिया कॉलेज में पहले वर्ष में ही क्लास REPRESENTATIVE चुनी गई।याशिका कॉलेज में मिस elegant भी चुनी गई।रजनी जो हमारे स्कूल में टीचर थी और विदेश चली गई थी। उससे अक्सर बातचीत हो जाया करती थी। पिछली बार जब वो इंडिया आई थी तो स्कूल में सब से मिलने आई थी। इस बार कब आई और कब चली गई पता ही नहीं चला।
जालंधर से डॉ अजय शर्मा व धर्मेंदर से बातचीत होती रही। दोनों अख़बार से जुड़े हैं। डॉ शर्मा साहित्य क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं।अमितोष नागपाल का नाटक "पिया बहरूपिया "देश विदेश में धूम मचा रहा है। आज कल उनका ग्रुप ब्राज़ील में है।
मोहिन्दर की फिल्म "एक था भुजंग " C F S I से approve हो गई है। सेंसर बोर्ड से भी पास हो गई है।
मई -जून 2015 में रिलीज़ करने का प्रोग्राम है। सब को इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है। एडवोकेट साहनी ने तो फिल्म का ज़िक्र करना ही बंद कर दिया है।उनका इस फिल्म में एक किरदार है।
पिछली बार जब मोहिन्दर मुंबई से करनाल आया तो उनके घर संत अमरीक देव के दर्शन करने का मौका भी मिला।
संत अमरीक देव निर्मल अनुयायी हैं ,उन्होंने अपनी करोड़ों की सम्पति निर्मल धाम को दान कर दी है और वे करनाल में वृद्ध आश्रम और ज़रूरतमंद बच्चों के लिए फ्री शिक्षा के लिए स्कूल चला रहे हैं। यहाँ लगभग 1500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। खूब बातें हुई उनसे। यहाँ ये बताना ज़रूरी है के वो कल्पना चावला के चाचा हैं।
अजब संजोग और भरपूर मस्ती। अम्बाला की तरफ से गुज़र रहा था ,इसे अजब संजोग ही कहें के फ़ोन पर बात हुई और सभी हो गए इकट्ठा सिहंपुर में। खूब धमाल मचाया सभी ने।
परिवार के लोग जब इकठ्ठा होते हैं तो अच्छा लगता ही है। वैसे रिश्ते औपचारिकता भर ही रह गए हैं।
परिवर्तन का साल रहा 2014 लोगों ने पिछली सरकार से तंग आ कर भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत से चुना। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। रिजल्ट कार्ड आना अभी बाकी है।शेयर बाजार ने भी इस वर्ष नई ऊंचाइयों को छुआ। पाकिस्तान में स्कूली बच्चों पर आतंकी हमले ने दहला कर रख दिया।
20 दिसंबर को भांजे बिन्नी की हैदराबाद में passing out parade में जाने का मौका मिला। वो Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर हो गया है।
ज़बरदस्त अनुभव के साथ सभी गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं।बिन्नी के पिता , माँ ,बहन और भाई कन्नू व निशु भी साथ ही थे।

मस्ती भरी पलों में इन तीनों की फोटो क्लिक की। तीनों भाइयों ने खूब एन्जॉय किया।
Karan public school में बरस-2014 कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। 28 दिसम्बर को annual function किया। डॉ मदन गुलाटी ने मुख्य अतिथि और डॉ अशोक मेहता ने गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में शिरकत की।
बच्चों ने अपनी परफॉरमेंस से धमाल मचा दिया।
बच्चों की मेहनत लग्न और teachers की प्रतिबद्धता ने प्रभावित किया।
Art & Craft टीचर उमीशा ,भंडारी मैडम की बिटिया आशिना ,science टीचर मोना मलिक और नवज्योत कौर का विशेष धन्यवाद। इन्होंने बच्चों में छिपी प्रतिभा को समझने और तराशने का काम किया। बरस 2014 ही नहीं बल्कि जीवन के 10 बरस स्कूल में कैसे बीत गए पता ही नहीं चला। जीवन यूं ही चलता रहे और समय का पता ही न चले इस से बढ़ी ख़ुशी क्या हो सकती है ! अधिकतर समय स्कूल में ही बीतता है इस लिए अपने साथियों का ज़िक्र ज़रूर करना चाहूँगा। ऐसे तो सभी टीचर्स ने बढ़िया काम किया लेकिन स्कूल में मेरे साथ नवज्योत कौर ,सुनीता भंडारी ,मंजू ने खूब लग्न और मेहनत से काम किया। इस साल उनके काम करने के स्टाइल में गजब का बदलाव देखने को मिला। मोना मलिक ,जया ,रेनू ,पूजा ,निर्मला ,ममता और पूनम की भागेदारी भी सराहनीय रही।दिनेश ,बाबा ,नरेश ,सतीश और मानसिहं ने भी भरपूर सहयोग दिया।
सर्दी की वजह से स्कूल में छुट्टियां हो गई हैं। 1 जनवरी को स्कूल में इकट्ठा हो कर अध्यापकों ने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।
इसी बरस अपने जीवन की Half Century भी पूरी कर ली।http://krishankumarmalik.blogspot.in/2014/11/a-letterek-chithee-part-25.html जीवन से कोई शिकवा नहीं ,जितना जिया भरपूर जिया।
दुःख सुख ,लाभ हानि और जीवन मृत्यु हमारी रोज़मर्रा ज़िंदगी का हिस्सा हैं। 2014 बीत चुका है। पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो यही लगता है के आज पूरे विश्व में शांति और मानवता की ज़रुरत है। नया साल 2015 आरम्भ हो चुका है। आओ सब मिल कर पूरे विश्व कल्याण के लिए दुआ करें और इस के लिए सार्थक प्रयास भी करें ।
आप सब को पुनः नववर्ष २०१५ के लिए शुभकामनायें !










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