Thursday, 26 February 2015

A LETTER...EK CHITHEE(PART-30)

                                                                    फरवरी नामा
दोस्तों ,
आशा करता हूँ सब कुशल है।
दिल्ली की जनता ने "आप " को प्रचंड बहुमत देकर सच में एक नई राजनीति की शुरूआत कर दी है। साफ़ हो गया है कि जनता अलगवाद या नकारात्मक बातों को समझने लगी है। आज भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति की ज़रुरत है। केजरीवाल का इम्तिहान शुरू हो चुका है।
पिछले महीने की तरह इस बार भी शादियों का दौर रहा। मेरे साथ स्कूल में साइंस टीचर पूजा की शादी हो गई है। फिजिकल एजुकेशन टीचर जितेंदर की शादी में भी जाना हुआ।
पड़ौस में मन्नू गर्ग की शादी भी हो गई है। गांव झंझाडी में रवि ने अपने बेटे के जन्म दिवस पर ज़बरदस्त आयोजन किया हुआ था। मैं अपने दोस्त समीर के साथ इस आयोजन में शामिल हुआ।
 मानव कल्याण मंडल की ओर  से आयोजित एक सम्मान समारोह में करनाल के प्रिंसिपलों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में शामिल होकर मैं गर्वानित महसूस कर रहा हूँ। प्रदेश मुख्य मंत्री के OSD श्री अमरेंदर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
  भला हो डॉ अजय शर्मा का जिन्होंने मेरी कहानी "गर्म खून " को "दैनिक सवेरा "में किश्तवार छाप दिया।। डॉ अजय दैनिक सवेरा ,जालंधर में कार्यरत हैं ,मैगज़ीन और साहित्य पेज उन्हीं की देखरेख में छपता है। लिंक सलंग्न है :   http://dainiksaveratimes.epapr.in/c/4498280, http://dainiksaveratimes.epapr.in/c/4498245,http://dainiksaveratimes.epapr.in/c/4498198,http://dainiksaveratimes.epapr.in/c/4539840 / अजय भाई आज कल दूरदर्शन के लिए सीरियल लिखने में व्यस्त हैं।
करनाल से मुंबई में थिएटर की दुनिया में अपना लोहा मनवाने के लिए अमितोष नागपाल  नाटक "पिया बहरूपिया "के शो करने के लिए यूरोप में गया था। इटली से उसने कुछ फोटो भेजी हैं।
फोटो अच्छी खींची हैं।  उनका ग्रुप वापिस मुंबई लोट आया है।
हमारी फिल्म भुजंग के निर्देशक व् लेखक किसी कहानी के सिलसिले में इंग्लैंड पहुँच गए । मोहिन्दर ने वहां से ट्वीट किया के "दुनिया बहुत बड़ी है।"आज जिस तरह लोगों का देश विदेश में आना -जाना हो रहा है और बेतार कम्युनिकेशन का विस्तार हुआ है उससे तो दुनिया बहुत छोटी लगने लगी है।
करनाल में अमितोष के साथ ही नाटक करने वाले डिंपल शर्मा से भी कल बात हुई। वो आजकल ब्रिस्बेन (ऑस्ट्रेलिया ) में है। डिंपल से बात करके अच्छा लगा। मेरे दोस्त समीर के शमदी Mr. Dhull और दामाद मनीष से भी मुलाकात हुई। Mr. Dhull से बात करना अच्छा लगता है।
हर वर्ष की भांति इस साल भी स्कूल में दसवीं के बच्चों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया।मोहित और मानसी को  क्रमशः Mr. & मिस फेयरवेल चुना गया।



स्कूल के डायरेक्टर डॉ मदन गुलाटी ने हमेशा की तरह बच्चों का मार्ग दर्शन किया। सुखमनी साहेब का पाठ कर के बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की गई। नौवीं व दसवीं की इंचार्ज नवज्योत कौर और पूनम ने कार्यक्रम का बखूबी संचालन किया।
22 फरवरी को शादी की 23 वीं सालगिरह मनाई। बच्चों व माता पिता के संग ने इस दिन को यादगार बना दिया। मेरी पत्नी ने मुझे सदा ही सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया।
February - 2015
February -1992
मेरी पत्नी ने सदा एक दोस्त की तरह हर दुःख -सुख में मेरा साथ दिया है। मेरा सलाम।
वर्ल्ड कप (क्रिकेट ) की शुरुआत हो चुकी है। इंडिया ने पाकिस्तान को हरा दिया है। इधर युवी के पिता योगराज सिंह अपने बेटे को इंडियन टीम में शामिल न किए जाने से खफ़ा हैं। यही नहीं दक्षिण अफ्रीका पर भी धोनी की टीम ने फतह हासिल कर ली है।
 पेट्रोल महंगा होना शुरू हो गया है। हरियाणा में 5 % वैट बढ़ने से यहाँ के लोगों को ज़्यादा झटका लगा है। इलेक्ट्रिक बिल के दाम भी लगभग 7 रूपए प्रति यूनिट तक पहुँच चुके हैं। घरों के बिलों में कुछ charges ऐसे होते हैं जिनका आम जनता को कतई पता नहीं चलता।
चाय बेचने से विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री पद पर पहुँचने वाले नरेंद्र दामोदर मोदी का सूट 4 करोड़ 31 लाख का बिक गया है। इसे गुजरात के हीरा व्यपारी हिरेन पटेल ने खरीदा है। जनता अच्छे दिन के इंतज़ार में है।
 फिर मिलेंगे अगले ख़त के ज़रिये।

Saturday, 21 February 2015

राम झूठ न बुलवाए…! (Part-2)

राम झूठ न बुलवाए… !
बुज़ुर्ग पहले कहा करते थे कि प्यार और युद्ध में सब माफ़ होता है।  बिहार और जम्मू -कश्मीर में जिस तरह से राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं। उससे तो ऐसा लगता है मानो आजकल राजनीति में सब माफ़ है। सत्ता हासिल करने के लिए दोस्त भी दुश्मन और दुश्मन - दोस्त कैसे बन जाते हैं ये हमें राजनीति ही सिखाती है।
 हरियाणा के अधिकतर इंजीनियरिंग और बीएड कॉलेजों में घटिया शिक्षण ढांचे और रोज़गार उपलब्धता न होने के कारण युवाओं का इस क्षेत्र में रुझान कम हुआ है। यही कारण है कि अधिकतर कॉलेजों में सीटें भी पूरी नहीं भर पाती। इसीलिए अधिकतर कॉलेज बंद होने के कगार पर हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के घटिया नतीज़ों ,धीमी व सुस्त कार्य प्रणाली के कारण भी युवाओं में रोष व्याप्त है। सरकार के कार्यक्रम " Make  in India पर युवा टकटकी लगाए बैठे हैं ।
आजकल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पहले खबर दिखाने के चक्कर में असल ख़बर जैसे छूट ही जाती है। पहले देश के प्रधानमंत्री नरेँदर दामोदर मोदी का कोट और दिल्ली में इलेक्शन छाये रहे।  उसके बाद मीडिया पर क्रिकेट वर्ल्ड कप का भूत सवार हो गया । आईपीएल में युवराज 16 करोड़ में क्या बिका सभी मुख्य चैनल युवराज के पीछे  भागने लगे। यही नहीं युवराज के पिता योगराज सिंह ने इंडियन टीम के सिलेक्शन और कप्तान महेंदर सिंह धोनी पर सवाल क्या खडे किए सभी उनके पीछे भागने लगे और देखते -देखते योगराज सिंह सभी मुख्य समाचार बुलेटिन्स के केंद्र बिंदु बन गए। शायद सभी भूल गए कि देश में आज भी आम आदमी बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है। जब तक आप के पास ये पत्र पहुंचेगा उस समय टीवी चैनल कौन से समाचार को स्पेशल डिश की तरह परोस रहे होंगे ये राम ही जाने।
आधार कार्ड को मुख्य पहचान पत्र बनाए जाने पर आम जनता बहुत खुश है। लोगों को समझ आने लगा है कि सब्सिडी , सरकारी ग्रांट , गैस ,बुढ़ापा व विधवा पेंशन ,वज़ीफ़ा (स्कालरशिप ) ,लोन या सरकारी /गैर सरकारी लाभ लेने में ये पहचान पत्र काफी सहायक होगा। बहुतेरे लोगों ने अपने आधार कार्ड बनवा लिए हैं लेकिन  अभी भी बहुत लोगों को इधर उधर भटकना पड़ रहा है। लोगों को मालूम ही नहीं है कि आधार कार्ड कहाँ बनाए जा रहे हैं। यही नहीं आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र कम होना भी परेशानी का सबब बन गया है। मैं स्वयं भुगत भोगी हूँ। परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड apply किए किन्तु आधे -अधूरे कार्ड्स बनने के कारण सकते में हूँ। नाम दर्ज़ करवाने की रसीद है , आधार कार्ड की साइट पर कई बार क्लिक किया। अभी तक कोई रिजल्ट नहीं निकल पाया है।
भगवान झूठ न बुलवाए............. वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड ने इंग्लैंड पर धमाकेदार जीत दर्ज़ कर ली है। न्यूज़ीलैंड के मैकमिलन ने इंग्लैंड के खिलाफ 18 गेंदों में अर्धशतक बना कर अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है।किम साउदी ने 7 विकेट झटके।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विवादस्पद सूट 4 करोड़ 31 लाख में बिक चुका है। हीरा कारोबारी हितेश पटेल ने इसे ख़रीदा है। बिहार में सत्ता परिवर्तन हो गया है।
जतिन राम मांझी की कुर्सी पर अब नीतीश कुमार गद्दी नशीं हो गए हैं। बिहार का राजनीतिक ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ है ,पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्तों !
बकौल मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ :
 आज के दिन न पूछो मेरे दोस्तो
दूर कितने हैं ख़ुशियाँ मनाने के दिन
खुल के हँसने के दिन, गीत गाने के दिन
प्यार करने के दिन, दिल लगाने के दिन।  

Wednesday, 18 February 2015

उदास चेहरा

     
                                                      उदास चेहरा
तुम्हारा उदास चेहरा
देखकर 
 महसूस होता है ऐसा
के बिखर सा गया है 
सब कुछ
माला के मोती ,
वीणा के तार 
आईना 
और 
कविता के सब शब्द । 
बहुत कोशिश करता हूँ
मोतियों को जोड़ने की
के फिर से इक माला बन जाए ,
धीरे से फेरता हूँ अंगुलियां
वीणा की तारों पर
के तान सुनाए ,
जोड़ता हूँ शब्दों का ताना बाना 
के इक कविता बन पाए ,
करता हूँ इकठ्ठा 
बिखरे पड़े शीशे के टुकड़ों को 
के अक्स नज़र आए ।
तुम्हारा उदास चेहरा
देखकर 
महसूस होता है ऐसा
के बिखर सा गया है 
सब कुछ
मैं 
मेरे होने का अहसास 
और ये दुनिया ।









Friday, 13 February 2015

राम झूठ न बुलवाए...! (Part-1)

                                                              
                                                  राम झूठ न बुलवाए...! (Part-1)
रवरी माह की शुरूआत के साथ ही सूर्य देवता अपनी चमक दिखाने लगे हैं। ठंडी हवाऐं अपने पूरे यौवन पर हैं। फाल्गुन की शुरूआत से ही ये सर्द हवाएं मंद पड़ेंगी। लेकिन सूर्य देवता की गर्मी के आगे ढंड फाल्गुन से पहले ही फुर्र होती नज़र आ रही  है।
दिल्ली में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी  भाजपा को चुनावी दंगल में पटखनी दे चुकी है। इससे ये तो साफ़ हो गया है कि जनता जनार्दन की अनदेखी करना किसी भी पार्टी के लिए ख़तरनाक हो सकता है। बेशक़ वो कांग्रेस हो या फिर भाजपा।
आज जनता की मांग है कि कागज़ों पर बनने वाली योजनाओं  -परियोजनाओं को तुरंत प्रभाव से किर्यान्वित करना होगा ताकि सरकार जो कर रही हैं उसका रिजल्ट भी साथ -साथ आता रहे । अच्छे दिन आने वाले हैं के नारे पर भाजपा को अर्श से फर्श पर पहुंचाने वाली जनता हरारत महसूस करने लगी है। आम आदमी कहने लगा है के उद्घाटन और घोषणाएं नहीं बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम करने की ज़रुरत है।  टूटी सड़कें , बंद पड़ी सैनिटेशन व्यवस्था , अव्यवस्थित यातायात , पार्किंग व्यवस्था ,बस अड्डे का स्थानांतरण ,सुस्त और पेचीदा प्रशासनिक कार्य प्रणाली , बाजार में दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कब्ज़ा करनाल की जनता के लिए कुछ ऐसे मुद्दे हैँ जिनका वो तुरंत हल चाहती है।
करनाल जब से सी एम सिटी बना है तब से सभी अफसर अपनी ट्रांसफर करवाने के चक्कर में हैं। हरियाणा में नौकरी करने वालों के लिए सब से बढ़िया कहे जाने वाले शहर करनाल में अब कोई अफसर रहना नहीं चाहता। पुलिस वाले तो कतई नहीं। कर्ण नगरी करनाल को ऐसा क्या हुआ कि अफसरों को करनाल में पोस्टिंग से डर लगने लगा है। बेशक़ ये "गुड गवर्नेंस " का असर हो परन्तु स्थानीय लोगों को सरकारी मशीनरी के ढीलेपन का कारण समझ नहीं आ रहा है। आम आदमी को अभी भी छोटे -छोटे कामों  लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। 
करनाल के एम पी साहेब एक बड़े अख़बार के मालिक भी हैं। पिछले दिनों अख़बार में अमेरिकी राष्ट्रपति बोराक ओबामा के साथ अपनी तस्वीर को दूसरी अखबारों में विज्ञापन के रूप में छपवा कर वो शायद ये सिद्ध करना चाहते थे के उनके हाथ अलाद्दीन का चिराग हाथ लग गया है। चिराग के साथ हाथ मिलाते फोटो खिंचवा कर उन्हें क्या हासिल हुआ ये तो मैं नहीं जानता पर इस प्रकरण से थोड़ी किरकिरी तो ज़रूर हुई है।जिन अपना कमाल दिखा वापिस अमेरिका लौट चुका है। हलके में एम पी साहेब की नदारदगी से स्थानीय लोग नाख़ुश हैं। 
स्कूलों में नया सैशन शुरू होने वाला है। शिक्षा संसद शुरू हो चुकी हैं। सरकार और स्कूल मालिकों के बीच बैठकों का दौर जारी हैं। कुछ अभिवावक संघ भी सक्रिय हो चुके हैं। फ्री एजुकेशन को ले कर बहस छिड़ चुकी है। मां -बाप महंगी होती शिक्षा से दुःखी हैं तो शिक्षा संस्थानों के मालिक बढ़ते खर्चों से परेशान हैं। इस शीत युद्ध में बच्चों के मर्म से सब बेफिक्र हैं। शिक्षा प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता है।
 देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम पिछले दिनों कम हुए। लेकिन समाचार है के हरियाणा में ५% वैट के कारण पेट्रोल के दाम दो रूपये 50 पैसे प्रति लीटर बढ़  गए हैं । विश्व बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में जिस तरह गिरावट आई है उसके मुकाबले पेट्रोल और डीज़ल के दाम में जितनी कटौती होनी चाहिए थी उतनी कटौती नहीं हुई । बेशक भाजपाई इस का क्रेडिट अपनी सरकार को देते रहें और  देश के प्रधानमंत्री आम सभा में कहते रहें नसीब का अच्छा होना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन देश की आम जनता का नसीब कब बुहरेगा इसका सभी को इंतज़ार है। 
राम झूठ न बुलवाए .......... हुकमरान को ये समझना होगा कि आज की जनता कंप्यूटर युग में जी रही है जहाँ बटन दबाते ही बिना पलक झपके रिजल्ट सामने होता है। ऐसे में इस पीढ़ी की मनोस्थिति सरंचना भी "झट मंगनी और फट ब्याह" वाली हो गई है। शायद ये राष्ट्र उत्थान और राष्ट्र निर्माण लिए ठीक भी है।
यहाँ मैं मशहूर शायर "मुन्नवर राणा" के एक ट्वीट का ज़िक्र ज़रूर करना चाहूँगा,
" हुकूमत ट्रैफिक नहीं है जिसे डाइवर्ट कर दिया जाए , हुकूमत के लिए सुनना ज़्यादा पड़ता है और सुनाना कम। "  
उम्मीद करता हूँ के मेरी ये बात हुक्मरान के कानों तक ज़रूर पहुंचेगी।  
  

Saturday, 31 January 2015

A LETTER...EK CHITHEE(PART-29)

                                                              जनवरीनामा -3
स्कूल में सफाई कर्मचारी कृष्णा दादी बन गई है। स्कूल की कर्मठ वर्कर पूनम नानी बन गई है। दूसरी भी लड़की हुई इसलिए नानी थोड़ी मायूस थी। सभी अध्यापकों द्वारा समझाए जाने पर पूनम के चेहरे पर ख़ुशी के भाव दिखाई दिए। वो असली थे या नकली वो खुद पूनम जाने। आज भी लड़की का घर में जन्म अशुभ ही माना जाता है । यही कारण है के हरियाणा में 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या आज भी 860 -70 के आसपास है। हालांकि 22 जनवरी  को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा "लड़की बचाओ ,लड़की पढ़ाओ "
अभियान की शुरुआत हरियाणा की ऐतिहासिक स्थली पानीपत से कर दी गई है। इस का असर आम जनता पर कैसे और कितना पड़ता है ये आने वाला समय ही बताएगा।
सरकार द्वारा आयोजन को सफल बनाने के लिए 22 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी का एलान कर दिया गया। इस तुगलकी फरमान से जहाँ बच्चों में ख़ुशी की लहर थी। वहीँ अध्यापकों को पानीपत रैली में भाग लेने के आदेशों से वो परेशान नज़र आए। बच्चे हमेशा से स्कूल में छुट्टी से इतने खुश क्यों होते हैं इस विषय पर सोचें और समझें तो शिक्षा क्षेत्र में सुधार की संभावनाओं को तलाशा जा सकता है।
24 जनवरी को स्कूल में बच्चों ने वसंत उत्सव पतंगें उड़ा कर मनाया। यही नहीं एक खास तरह की पतंग भी उड़ाई गई।
एक कागज़ नुमा balloon में रखे कपूर में आग लगाई और उसकी गैस से कागज़ नुमा balloon पतंग बन उड़ चला । बरसों से ऐसे balloons को देखता आ रहा था लेकिन असल रहस्य आज पता चला।
 हर वर्ष की तरह इस बार भी कर्ण पब्लिक स्कूल में बच्चों के साथ झंडा फहराया।
66 वें गणतंत्र के बाद भी देश में गरीबी ,बेरोज़गारी ,महंगाई ,भ्रष्टाचार ,अपाहिज व पेचीदा कार्य प्रणाली जैसी समस्याएं आज भी मुहँ बाहे खड़ी हैं। नई सरकार इन सब समस्यायों का समाधान कैसे और कब तक निकाल पाएगी ये अभी देखना है। 
दिल्ली में राजनीतिक युद्ध का बिगुल एक बार फिर से बज चुका है। कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो चुका है। असली युद्ध बीजेपी और आम पार्टी के बीच है। मोदी लहर इस बार दिल्ली में क्या असर दिखाती है ये हम सब को 10 फरवरी को ही पता चल पाएगा।
जनवरी में शादियों का सीज़न भी शुरू हो गया। सीज़न शब्द इस लिए प्रयोग किया क्योंकि पंडितों के अनुसार इस माह शादियों का भरपूर साया था ।
21 जनवरी को मेरी पत्नि के साथ काम करने वाली अध्यापिका संगीता मेहता के पुत्र अकुल की शादी थी। इसी दिन बेटे के घनिष्ठ दोस्त जीवेश की बहन की शादी में भी शिरकत की। शादियों की भव्यता पर बढ़ता खर्चा सच में समाज के लिए चिंता का विषय है। 26 जनवरी को अम्बाला में अनिल दत्ता के बेटे अली अंगद की शादी भी थी। अमेरिका से संजय मल्होत्रा और कुवैत से आए उपेन्द्र कौशल उर्फ़ बबलू भी विवाह समारोह में शामिल हुए। 
दत्ता ने अपने बेटे से परिचय कुछ इस तरह से करवाया, "ये सभी मेरे इंडियन थिएटर के चांडाल चौकड़ी के साथी हैं।" एक लम्बे अर्से के बाद दत्ता से लम्बी बातचीत हुई। वो बिलकुल नहीं बदला है।नत्थू राम स्कूलों की कैंटीन के ठेकेदार हैं। उनके बेटे टिंकू की शादी में भी जाना हुआ। सच पूछो तो कुछ शादियों का मैं ज़िक्र नहीं कर रहा हूँ। इस बार शादियों ने बजट बिगाड़ कर रख दिया। अधिकतर शादियां पंडितों के लग्न और समय के निर्धारण से ही होती है ,फिर भी रिश्ते टूटने की संख्या में इज़ाफ़ा क्यों होता जा रहा है। ये समझ से परे है।
रास्ते में बेटे कशिश और उसके दोस्तों नितीश और पुंज से भी मुलाकात हो गई। कशिश मोटरसाइकिल के silencers बनाने में व्यस्त है।
भारत में बाबा ओबामा अपना जलवा बिखेर कर अमेरिका रुखसत हो गए हैं। जाते जाते भारत को नसीहत भी दे गए के अगर तरक्की करनी है तो धार्मिक सौहार्दता बना कर रखनी होगी। कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण अपनी सांसारिक यात्रा पूरी कर एक रिक्त स्थान छोड़ गए जिस की भरपाई कभी पूरी नहीं हो पाएगी। उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। मेरी श्रद्धांजलि।
जहाँ निफ़्टी 8900 और सेंसेक्स 29000 का आंकड़ा छू चुके हैं। वहीँ मेरे ब्लॉग पर viewers की संख्या 9800 पार कर चुकी है। ख़ुशी होती है जब आपके काम पर लोगों की नज़रे इनायत बनी रहती है। Dil-e-Dastan Pageview chart 9800 pageviews. 
आप को बता दूँ के दैनिक सवेरा में 29 जनवरी को मेरी कहानी ,"गर्म खून " publish "हुई है।https://m.ak.fbcdn.net/sphotos-e.ak/hphotos-ak-xfp1/v/t1.0-9/10406365_743963132359986_8912261835031181026_n.jpg?oh=e87c982d3c96ec623db67d6492cb66bb&oe=555B9143&__gda__=1432115402_fc62807bd649b2f3a4a6973f93e64423 मौका लगे तो ज़रूर पढ़ियेगा। मैं इस के लिए डॉ अजय शर्मा और दैनिक सवेरा का ज़रूर धन्यवाद करना चाहूँगा।  
पिछले ख़त में आप को बताया था के करनाल की सामाजिक संस्था निफा द्वारा आयोजित कार्यक्रम "लोहड़ी लड़कियों के नाम" में भ्रुण हत्या पर एक नाटिका करवाने का अवसर मिला था।बच्चों में छिपी कला को निखारने के लिए बस एक नज़र चाहिए। निफा समाज सेवा के साथ बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए अच्छा काम कर रहा है। नोनीत एक अच्छा एक्टर है। मेहनत करे तो अच्छा scope है। https://fbcdn-sphotos-b-a.akamaihd.net/hphotos-ak-xap1/v/t1.0-9/10685410_912264758786595_7638150339185660102_n.jpg?oh=d0a7156c73ccac7e901e0b3d07a55382&oe=55622C60&__gda__=1432085180_2433575fd64f70bd9e13a28c28cb9c70 उसी दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के राज्यपाल महामहिम कप्तान सिंह सोलंकी द्वारा सम्मानित किए जाने की एक फोटो आप के साथ भी शेयर कर रहा हूँ।
जनवरी '15 जा चुका है , कल एक नया दिन \ नया महीना शुरू हो जायेगा.......... उम्मीद करता हूँ के आने वाला समय भी बढ़िया ही बीतेगा। आज नज़ीर अकबराबादी को पढ़ रहा था ,उनकी नज़्म का एक शेर आप के मुख़ातिब है ……" जिसे मोल लेना हो ले लो ख़ुशी से , 
                             मैं इस वक़्त दोनों जहां बेचता हूँ। "
शुभकामनाएं !

Friday, 23 January 2015

A LETTER...EK CHITHEE (PART-28)

                                                                   जनवरी नामा -2
दोस्तों ,
बचपन से ये सुनते और पढ़ते आ रहे हैं के वक़्त बलवान है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर सच में ये समझ आने लगा है के वक़्त के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता। सर्दियों की छुट्टियों के बाद 15 जनवरी को स्कूल खुले तो ख़बर मिली के नंगल (पंजाब ) में हमारी आंटी बिमला देवी ओहरी इस दुनिया में नहीं रही। 16 जनवरी को संस्कार और 18 जनवरी को रस्म पगड़ी थी। श्रद्धांजलि।
 ये भी पढ़ते और सुनते हुए आ रहे हैं के सूर्य पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है व जीवन मृत्यु कड़वे सत्य हैं। कईं बार सोचता हूँ के ये साइंस है या सच में कोई अदृश्य शक्ति है जो इस पूरी सृष्टि को चला रही है। क्या सच में कोई ऐसी शक्ति है जो सब कुछ तय करती है और मनुष्य रुपी रोबोट को किर्यान्वित और संचालित करती है। जानता हूँ इस मनुष्य को सभी अलग अलग तरह से परिभाषित करते है। कोई इसे मिट्टी का खिलौना तो कोई इसे कठपुतली का नाम देता है। सभी की परिभाषा को समझने की कोशिश करता हूँ तो जितना कुछ समझ आता है वो बस यही है कि मनुष्य स्वयं कुछ नहीं। वो तो बस यूं ही गुमां करता है ,अपना दम भरता है। कल रितु के पति हरीश की आकस्मिक मृत्यु के समाचार से कर्ण परिवार के साथ मैं सकते में हूँ। रितु हमारे साथ स्कूल में काम करती थी। कुछ समय पहले ही दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर गई थी। हर हाल में खुश और मुस्कुराते रहने वाली रितु व उसके परिवार को ये अदृश्य शक्ति इस दुःख को सहने की ताकत प्रदान करे। 20 जनवरी को शोक सभा में जाना हुआ। श्रद्धांजलि।
करनाल की सामाजिक संस्था निफा द्वारा दयाल सिंह कॉलेज में "लोहड़ी लड़कियों के नाम " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरियाणा के राज्यपाल महामहिम प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।इस भव्य कार्यक्रम में करनाल ज़िले के सभी विधायक और हरियाणा सरकार के मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मेरे साथ दयाल सिंह कॉलेज में पढ़ने वाले हरिंदर कल्याण से भी मिलने का मौका मिला। हरिंदर कल्याण घरौंडा से विधायक हैं। मुझे झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले बच्चों के साथ एक लघु नाटिका का निर्देशन करने का अवसर भी मिला। निफा के मुखिया प्रितपाल पन्नू के काम करने की शैली और सादगी ने प्रभावित किया। बच्चों ने अच्छा परफॉर्म किया।
दयाल सिंह कॉलेज में नाटक की रिहर्सल का दृश्य
हालांकि की स्कूल में छुट्टियां थी फिर भी हर वर्ष की भाॅंति स्कूल में 13 जनवरी को लोहड़ी का त्यौहार मनाने के लिए सभी टीचर्स जुट गए। बहुत ही सादगी से अग्नि पूजा कर लोहड़ी का त्यौहार मनाया गया।
कर्ण पब्लिक स्कूल में लोहड़ी मनाते अध्यापिकाएं
जब आग में मुंगफली को आग में डालने कारण जानने की कोशिश की तो पता चला के इस से पापों नाश हो जाता है। अजब गजब की किंवदंतियां हैं हमारे यहाँ !
1 से 15 जनवरी तक  स्कूल में छुट्टियां थी। छुट्टियों में कहीं घूमना नहीं हो सका था। छुट्टियों की पूर्व संध्या पर बबलू और संजय मल्होत्रा करनाल रुके। अच्छा लगा। इसके बाद 17 जनवरी को  पंचकुला में J . P के घर में दोबारा मुलाकात हुई। बबलू ने पुराने साथियों अनिल दत्ता ,बेगोवाल ,नागेश धवन से बातचीत करवा दी। ये सभी चंडीगढ़ पंजाब युनिवर्सिटी में साथ थे।
31 दिसंबर को करनाल में बनी फिल्म "एक था भुजंग" सेंसर ने पास कर दी थी। फिल्म का पोस्टर भी लांच हो गया है। फिल्म में मैंने भी एक role किया है। इसीलिए शायद इस फिल्म का ज़िक्र बार -बार हो जाता है।फिल्म का पोस्टर बहुत सुन्दर बना है।

उधर अमितोष करनालवी और कंपनी टीम  कलाकारों ने chille में "पिया बहरूपिया " नाटक का 100 वां सफल मंचन किया। अमितोष और नाटक की पूरी टीम को बधाई। नाटक के बारे में बस इतना कहूँगा के ये ULTIMATE है।Piya Behrupiya (Twelfth Night)
                                                                                                                                                                         अच्छा दोस्तों फिर मिलते हैं।

Sunday, 11 January 2015

A LETTER...EK CHITHEE PART-27

                                                                     जनवरीनामा -1
दोस्तों आप सब को नववर्ष मंगलमय हो।
 ढंड और कोहरे के कारण पूरा उतर भारत ठिठुर रहा है। स्कूलों की छुट्टियां चल रही हैं। पारा और नीचे गिरने की उम्मीद है। 1 जनवरी को स्कूल में विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ नववर्ष की शुरुआत की।
 फ्रांस की राजधानी पेरिस में धार्मिक उन्मादियों के द्वारा एक मैगज़ीन के दफ्तर पर आतंकी हमले से ऐसा लगा मानो धर्मांध लोगों को शांति और मानवता के मायने मालूम नहीं हैं। पूरे भारत में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एक गणतंत्र दिवस का आयोजन दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति का भारत आगमन। भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति बोराक ओबामा का गणतंत्र दिवस पर आने का बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है।
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने 60 साल की उम्र में दोबारा शादी कर ली है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली गई टेस्ट series भारत हार चुका है।  धोनी ने टेस्ट मैच फॉर्मेट से सन्यास ले लिया है। विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में अपने bat  से अच्छा प्रदर्शन किया है । ऑस्ट्रेलियाई पिच पर लगातार 4 centuries लगा कर सिद्ध कर दिया है के वो कप्तानी के लिए सक्षम है। इसी के साथ उसने आलोचकों को ये भी बता दिया के प्यार कभी अशुभ नहीं होता।
 फिल्म P K विश्व भर में  600 करोड़ कमा चुकी है। देशभर में फिल्म के विरोध के बावज़ूद फिल्म की सफलता बताती है के कला या कलाकार को धर्म ,जाति ,भाषा और सीमाओं के दायरे में नहीं बांधना चाहिए। संकीर्ण दिमाग के लोगों को ये समझ लेना चाहिेए के कला किसी की मोहताज़ नहीं होती।
कच्चे तेल के भाव बुरी तरह से गिर चुके हैं। लेकिन जिस तरह से कच्चे तेल के भाव में गिरावट आई है ,भारत में पेट्रोल के दाम में उतनी गिरावट नहीं आई है।सरकारें क्या घालमेल करती हैं ये आम आदमी को समझना होगा।
7 जनवरी को बिटिया याशिका का जन्मदिन था। उसने अपनी सहेलियों के साथ इसे खूब मस्त तरीके से मनाया। 8 जनवरी को मेरी एक कहानी "स्कूल फीस " दैनिक सवेरा अख़बार में प्रकाशित हुई। http://krishankumarmalik.blogspot.in/2014/12/blog-post_11.html
 9 जनवरी 1914 को महात्मा गांधी अफ्रीका से वापिस भारत लौटे। 100 वर्ष पूरे होने पर कई channels देश की आज़ादी के लिए उनके सहयोग और मार्ग दर्शन को बखूबी दिखाया जा रहा है। गांधीनगर में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में मोदी ने भी महात्मा को याद किया। देश की आज़ादी के लिए महात्मा ने एक नई दिशा दी। मेरा नमन।
दो तीन दिन के लिए गांव घूम आया हूँ। बिटिया और पत्नी साथ में थे।
गांव की सादगी और शांति हमेशा मुझे अपनी और आकर्षित करती है।

खेतों में लहलहाती फसलें ,लोगों के चेहरे पर भोलापन ,सकूं और
 बेफिक्री - सच में इन सब को परिभाषित करना बहुत मुश्किल है।
फिर मिलते हैं। आप सभी अपना ध्यान रखिएगा।