दीपावली के अवसर पर एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला चल रहा था। कोई फ़ोन से तो कोई उपहार का आदान प्रदान कर के दीवाली का त्यौहार मना रहा था।
कबीर का दोस्त सोनू भी क्यों पीछे रहता। सोनू कभी स्कूल नहीं गया था। लेकिन अक्षर ज्ञानी था।
फ़ोन पर मैसेज भेजना हो या फेस बुक पर कोई comment करना हो, सोनू बखूबी कर लेता।
अंग्रेजी में हाथ तंग होने के कारण कभी कभी अर्थ बदल जाता।
दीपावली के अवसर पर उसके दोस्तों ने उसके face book पर ढेरों बधाई सन्देश भेजे।
सोनू खुश था। वो सभी को जवाब देने में मशगूल था।
सोनू को अधिकतर messages थे , " Happy Diwali "
सोनू सभी को जवाब दे रहा था ................ "shame to you !"
कबीर का दोस्त सोनू भी क्यों पीछे रहता। सोनू कभी स्कूल नहीं गया था। लेकिन अक्षर ज्ञानी था।
फ़ोन पर मैसेज भेजना हो या फेस बुक पर कोई comment करना हो, सोनू बखूबी कर लेता।
अंग्रेजी में हाथ तंग होने के कारण कभी कभी अर्थ बदल जाता।
दीपावली के अवसर पर उसके दोस्तों ने उसके face book पर ढेरों बधाई सन्देश भेजे।
सोनू खुश था। वो सभी को जवाब देने में मशगूल था।
सोनू को अधिकतर messages थे , " Happy Diwali "
सोनू सभी को जवाब दे रहा था ................ "shame to you !"
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