Saturday, 24 October 2015

राम झूठ न बुलवाए (Part -5 )

                                                राम झूठ न बुलवाए (Part -5 )
आज देश में जिस तरह धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है। पशु मांस को लेकर जिस तरह आदमी का आदमी दुश्मन हुए जा रहा है। पुरस्कारों को लौटने का जिस तरह से सिलसिला चल रहा है। श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी को लेकर जिस तरह से पंजाब थम सा गया है। विरोध करने के चक्कर में जिस तरह काली होली खेली जा रही है। जिस तरह आम आदमी के लिए रोज़मर्रा की चीजें खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।  दूसरी तरफ किसानों को उनकी फसलों मुनासिब दाम नहीं मिल रहे। बॉर्डर पर पाकिस्तान जिस तरह गोलाबारी किए जा रहा है । देश की राजधानी दिल्ली में बच्चों और महिलाओं के लिए जिस तरह असुरक्षा बढ़ती जा रही है। जिस तरह देश के अलग अलग कोनों से कमज़ोर वर्ग पर उत्पीड़न और अत्याचार के समाचार प्रकाशित हो रहे हैं। पढ़े -लिखे युवा वर्ग को जिस तरह रोज़गार या स्वरोज़गार  के लिए दर - ब -दर धूल फांकनी पड़ रही है । जहाँ शिक्षा का स्तर गिरने के समाचार हैं । जिस तरह अख़बार की सुर्खियां हत्याएं और बलात्कार बनती जा रही हैं।  हरियाणा में दलित परिवार के दो नन्हें बच्चों को जिस तरह ज़िंदा जला दिया गया है। उससे तो ऐसा लगता है कि जैसे सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।
यहाँ मुझे बेर्टोल्ट ब्रेष्ट द्वारा कही वो पंक्तियाँ याद आ रहीं हैं जिसमें वो कहते हैं कि आज राजनीति को समझने  की ज़रुरत है , "सबसे जाहिल व्यक्ति वह है जो राजनीतिक रूप से जाहिल है। वह कुछ सुनता नहीं, कुछ देखता नहीं, राजनीतिक जीवन में कोई भाग नहीं लेता। लगता है उसे पता नहीं कि जीने का खर्च, सब्ज़ि‍यों की, आटे की, दवाओं की क़ीमत, किराया-भाड़ा, सब कुछ राजनीतिक फ़ैसलों पर निर्भर करता है। वह तो अपने राजनीतिक अज्ञान पर गर्व भी करता है, और सीना फुलाकर कहता है कि वह राजनीति से नफ़रत करता है। उस मूर्ख को पता नहीं कि राजनीति में उसकी ग़ैर-भागीदारी का ही नतीजा हैं वेश्या एँ, परित्यक्त बच्चे़, लुटेरे और इस सबसे बदतर, भ्रष्ट अफ़सर तथा शोषक बहुराष्ट्रींय कंपनियों के चाकर।"  
यदि आप बेर्टोल्ट  पर यकीन नहीं करते तो जल्दी से किसी ऐसे व्यक्ति को पकड़ लाओ जिसे नज़र उतारना या झाड़ फूँक आता हो । हो सकता है मेरे देश को किसी की नज़र लग गई हो ! जल्दी से इस की नज़र उतार लो भाई !

Friday, 9 October 2015

राम झूठ न बुलवाए ! (Part -4 )

                                                                राम झूठ न बुलवाए !(Part -4 )
                                                                  सब गोलमाल है ! 


  • राम झूठ न बुलवाए…! 
  • समझ नहीं आ रहा के अपनी बात कहाँ से शुरू करूं । पूरे देश में आह्कार मचा हुआ है। दिल्ली से सटे गांव दादरी में एक मुस्लिम इकल्लाहक की हत्या इस लिए कर दी गई क्यों की गांव में ये अफवाह फ़ैल गई थी के उनके घर में गौ मांस खाया जा रहा है । अफवाहें बहुत ख़तरनाक़ होती हैं ये हम सभी को समझना होगा !
  • गौ हत्या की अफवाह से गांव के ही लोगों द्वारा अपने ही गांव के मुस्लिम की हत्या ने पूरे भारत में ये असर डाला है कि हिन्दू मुस्लिम के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। उतरप्रदेश में समाज पार्टी के मुखिया के क्षेत्र मैनपुरी में गाय मांस को लेकर अहिंसा भड़क गई है। हर जगह बस गौ मांस की चर्चा है। ऐसा लगता है मानो देश के मूल मुद्दे खत्म हो गए हों ! 
  •  बिहार के चुनावों ने इस मुद्दे  के लिए आग में घी का काम किया है। बिहार में सभी नेता कपड़ों से बाहर हो रहे हैं। अपने कपड़े डालने के बजाय दूसरों के कपड़े उतारने की कोशिश की जा रही है। कहीं लालू के बच्चों के जन्म तो कहीं पासवान की पत्नी के नाम पर पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कोई शैतान तो कोई ब्रह्म पिशाच हो गया है। देश और देश की जनता जाए भाड़ में ! सत्ता हासिल करने के लिए अपुन कुछ भी करेगा !
  • राजनीति का स्तर इतना  "Cheap" हो गया है कि सब जगह मुद्दा "बीफ़" हो गया है !
  •  हद तो देखिए जम्मू कश्मीर में एक मुस्लिम नेता ने बीफ पार्टी ही दे डाली और विधान सभा में पिटाई हो गई। ऐसा लगने लगा है जैसे विधान पालिका मसलों का हल करने के बजाय अखाड़े हो गए हैं !
  • MNC Nestle की मैग्गी बंद हो चुकी है। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने अपनी मैग्गी लॉन्च कर दी  है। बाबा जी की कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स की सेल के लिए बिग बाज़ार से करार कर लिया है। "Make in India" कामयाब होता नज़र आ रहा है !
  • ग़ुलाम अली साहब के ग़ज़ल के दो प्रोग्राम (मुंबई और पुणे) cancel हो गए है। मुंबई में शिव सेना की धमकी के बाद ग़ुलाम अली के ये प्रोग्राम रद्द किए गए हैं । ख़बर है के दिसंबर में  दिल्ली में उनके शो का आयोजन किया जायगा।  कला और संस्कृति पर धार्मिक उन्माद का असर साफ़ दिखाई देने लगा है !
  • दिल्ली के मुख्य मंत्री केजरीवाल द्वारा आम पार्टी की सरकार में मंत्री आसिम अहमद खान को घूस मामले में बर्खास्त कर दिया गया है । इसी सरकार का एक मंत्री अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में हवालात काट कर ज़मानत पर चंद दिन पहले ही छूटा है । किस पर विश्वास करें किस पर न करें कुछ समझ नहीं आ रहा !
  •  मैं अपने शहर करनाल की बात ज़रूर करना चाहूंगा। पुलिस सवेंदनशील हो रही है ये दावे करनाल के स्मार्ट सिटी बनने के बाद लगातार किए जा रहे हैं। हर रोज़ स्कूल जाते हुए रास्ते में लड़कियों के एक स्कूल के सामने से गुज़रना होता है। इसके समीप कुछ गुंडा किस्म के लोगों का झुण्ड जमने लगा था।  सुबह स्कूल जाती लड़कियों पर ये लड़के फब्तियां कस्ते दिखाई दिए । मुझ से रहा नहीं गया। मैंने रास्ते में खड़ी एक पुलिस वैन को जब इस बारे बताया तो वहां तैनात दोनों पुलिस वालों  ने करीब 500 मीटर की दूरी पर जाने के लिए इस लिए मना कर दिया क्योँकि वो एरिया उनके अंडर नहीं आता था। पुलिस कब स्मार्ट होगी ये समझ से परे है !
  •  ज़रा संभल के देश के नेता सधे हुए कलाकार हैं। रंगीन सपने दिखाने में ये सिद्धहस्त हैं। आप को आपस में लड़वाने की कला इन्हें खूब आती है। चुनावों के बाद ये सब एक हो जाते हैं। एक दूसरे पर ज़हर उगलने वाले इन नेताओं को किसी भी नेता के बच्चों की शादी की album में गले मिलते हुए आप जब मर्ज़ी देख सकते हैं। 
  •  ध्यान रहे सब गोलमाल है !
  •  यहाँ मैं मीर तक़ी मीर साहेब का शेर आप की नज़र करना चाहूँगा : 
               यारो मुझे मुआफ़ रखो मैं नशे में हूँ 
               अब दो तो जाम ख़ाली ही दो मैं नशे में हूँ ...

Monday, 5 October 2015

A LETTER- EK CHITHEE(Part-37)

 अक्टूबर महीने की शुरुआत हो गई है। मौसम में थोड़ी ठंडक शुरू हो चुकी है । घर के पीछे आँगन में बिल्ली और उसके तीन "बलूँगड़ों " को धूप में बैठना अच्छा लगने लगा है ।
 पिछली बार 6 सितमबर को चिठ्ठी लिखी थी । अगस्त महीने में राखी का त्यौहार भी था । बहन भाई के पवित्र रिश्ते का त्यौहार रक्षा बंधन पूरे भारत में पूरे धूमधाम से मनाया जाता है।  इस त्यौहार का मुझे तो बेसब्री से इंतज़ार रहता  है।  भागम् भाग भरे इस युग में भाई बहन और दूसरे रिश्तेदारों से मिलना हो जाता है । मण्ढौर मेरा ससुराल है । वहां भी जाना होता है ।हर साल 20 से 25 लोगों का जमावड़ा वहां अपने आप एक महोत्सव जैसा माहौल बना देता है ।
इस बार मेरी पत्नी की बुआ के घर भी जाना हुआ । वो अम्बाला जिला के गोली गांव में रहती हैं । सादगी और संयम से भरपूर इस परिवार में मेरी पत्नी के फूफा ,बुआ उनके बेटे ,पुत्रवधु ,पोते राजदीप और पोतीयों नवदीप और नीरज से मिलना हुआ ।
अच्छा लगा कि गांव के बच्चे अपनी पढ़ाई के प्रति सीरियस होने लगे हैं ,बड़ी बिटिया ने अपना ग्रेजुएशन कम्पलीट कर लिए है और दूसरी बेटी एयरोनॉटिक्स में इंजीनियरिंग कर रही है ।

अपनी चिठ्ठी में  कर्ण पब्लिक स्कूल का ज़िक्र न करूँ तो  है तो ऐसा लगता है जैसे कि कुछ छूट सा गया है। पिछले दो महीने स्कूल में बच्चों के लिए बहुत सारी एक्टिविटीज का आयोजन किया गया । मेहंदी ,रंगोली ,भाषण व कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
हिंदी व अध्यापक दिवस के साथ -साथ छोटे बच्चों के लिए "एप्पल डे " और "बनाना डे " मनाया गया जिसमें बच्चों को फलों के महत्व के बारे में बताया गया । 
27 सितम्बर को "निफा " व  " सरबत दा भला चेरिटेबल ट्रस्ट " के बैनर तले शहीद -ए - आज़म "भगत सिंह " के जीवन पर आधारित एक लाइट एंड साउंड ड्रामा " A Misunderstood Hero " को निर्देशित करने का मौका मिला। Nifaa का सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में स्थापित नाम है। इस संस्था के ' गिनीज़ Book ऑफ़ रिकार्ड्स " में तीन रिकार्ड्स दर्ज हैं। लम्बे अर्से के बाद एक अच्छी टीम के साथ काम करने का अवसर मिला। इस बार मैंने नाटक को ख़ूब मस्ती से किया। कुछ अच्छे लोगों के साथ काम करने का अनुभव लम्बे अरसे तक याद रहेगा। "नोनीत " ने नाटक की बहुत बढ़िया photos  क्लिक की। Noneet निफ़ा का कर्मठ सदस्य है। निफ़ा के सभी सदस्यों की कार्यशैली ने भी प्रभावित किया।

  इस शो में भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू ने भी शिरकत की। Nifaa के संचालक प्रितपाल सिंह पन्नू ने बताया कि इस नाटक के shows भारत व विदेश में भी किए जाएंगे।
पिछले दिनों  शहर में आयोजित एक कार्यक्रम "राहगिरी "में जाना हुआ। बहुत दिनों के बाद किसी कार्यक्रम जाना अच्छा लगा। कोई फॉर्मेलिटी नहीं ,कोई बंधन नहीं ! समीर भाई का  राहगिरी में जाने का प्रस्ताव था। मैंने मना करने की कोशिश की लेकिन जब उसने कहा कि मैं अकेला कैसे जाऊँगा तो मैं भी तैयार हो लिया।
राहगिरी का "चौथा" शो था। हरियाणा के मुख्य मंत्री ने भी राहगिरी की। ज़बरदस्त सिक्योरिटी के बावजूद भी वो आम आदमी की तरह मस्ती करते नज़र आये।  वो सभी जगह मस्त अंदाज़ में बच्चों के साथ photos खिंचवाते नज़र आए। 
राहगिरी का "छठ पर्व " सैक्टर -12  भी  मनाया जा चुका है। खुसफ़ुस ये भी है कि पुलिस फ़ोर्स के जवान इसे बिना बात की सिरदर्दी मान रहे हैं। ऊँची आवाज़ में बजते फ़िल्मी गानों का शोर जहाँ जहाँ होता है ,वहीँ पर भीड़ ज़्यादा नज़र आती है । यदि संचालक इस प्रोग्राम की रूपरेखा को थोड़ा व्यस्थित करने में कामयाब हो जाते हैं तो उभरते कलाकारों (गीत /संगीत /अभिनय /नृत्य ) के लिए ये मंच कारगर साबित हो सकता है।
एक लम्बे समय से बीमार चल रहे हमारे पारिवारिक मित्र अमृत लाल मेहंदीरत्ता जी प्रभू चरणों में लीन हो गए। हंसमुख व्यक्तित्व के धनी व कभी हार न मानने वाले मेहंदीरत्ता जी की उनके बेटे अनिल व बॉबी ने खूब सेवा की। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
 डेंगू ने शहर के लगभग सभी इलाकों में अपनी पकड़ बनाई हुई है। सरकार डेंगू पर कंट्रोल करने में असफल रही है। प्राइवेट हॉस्पिटल वाले चांदी कूट रहे हैं। सरकार अपने चिर परिचित अंदाज़ में ये दावे कर रही है कि,"स्थिति चिंताजनक लेकिन नियंतरण में है। "
नासा की एक रिपोर्ट में कहा  गया है कि 15 नवंबर से 30 नवंबर तक दिन में भी अँधेरा छाया रहेगा। अगर ऐसा होता है तो ये देखना अपने आप में एक अजब संजोग होगा।
चिट्ठियां लिखने का सिलसिला यूं ही बना रहे। यहाँ मैं " फैज़ अहमद फैज़ " साहब का शेर आप की नज़र कर रहा हूँ :
हम परवरिश - ए - लौह - ओ  - क़लम करते रहेंगे 
जो दिल पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगे। 
दोस्तों फिर मिलते हैं ! शुभकामनाएं !