अगस्त नामा -2015
दोस्तों जय हो !
दोस्तों जय हो !
- सबसे पहले आप सब लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद। आप सोच रहे होंगे कि किस बात का धन्यवाद ? असल में मैं जो लिखता हूँ उसके पेज view लगभग 13000 से पर जा चुके हैं और 101 posts पब्लिश हो चुके हैं। कमाल की बात है की मेरी इन पोस्ट्स को भारत सहित अधिकतर विदेशों में पढ़ा जा रहा है। आप का प्रेम इसी तरह बना रहे और मैं अपनी डायरी इसी तरह लिखता रहूँ !
Dil-e-Dastan · Posts › Published (101 )
- आप सब को बता दूँ कि पिछले साल एक कहानी लिखी थी "स्कूल फीस"। उस कहानी पर शिमला दूरदर्शन द्वारा टेली फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। आज ही शिमला बात हुई और पता चला कि फिल्म की editing का काम चल रहा है। इस टेली फिल्म का का प्रसारण शीघ्र ही कर दिया जाएगा।
- पिछले दिनों धर्मेंदर जोशी से बातचीत हुई। जोशी इंग्लिश ट्रिब्यून में कईं सालों से कार्यरत थे। न जाने ऐसा क्या हुआ कि उन्हें ये नौकरी छोड़नी पड़ी। ईमानदारी ,कर्मठता और अपने काम के प्रति प्रतिबद्धता का अगर यही इनाम है तो सच में ये बहुत कड़वा सत्य है। दस वर्ष पूर्व जब मैं भी पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ा हुआ था तो धर्मेंदर और मैने पानीपत में एक साथ काम किया था। प्राइवेट companies के शोषण और insecurity की हम अक्सर बात किया करते थे।
- जालंधर में सुनील जोशी जी ने अपनी बिटिया की शादी कर दी है। जोशी जी ने भी इंडियन थिएटर चंडीगढ़ से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। नव दम्पति को मेरी शुभ कामनायें व शुभ आशीष ।
- 1985 -87 में दयाल सिंह कॉलेज में मेरे साथ पढ़ने वाले प्रवेश गोयल से 28 साल बाद मिलना एक संयोग ही था। मेरे स्कूल में उसका किसी कंपनी की गाड़ियों की सेल के सिलसिले में आना हुआ था। खूब बातचीत हुई।
- एक सप्ताह पहले कॉलेज के ही एक संगी हरिंदर संधू से भी मुलाकात हो गई। 1983 -84 में हम साथ -साथ दयाल सिंह कॉलेज में पढ़ते थे। संधू ने एयर फ़ोर्स ज्वाइन कर लिया था। आजकल वो सरसावा में पोस्टेड है। संधु की माता जी से भी मिलना हुआ। खूब बातें हुईं।
- पुराने दोस्तों से लम्बे अरसे के बाद मिलना अच्छा लगा।
- करनाल , निक्का सिंह पब्लिक स्कूल में आयोजित एक वर्कशॉप में जाने का मौका मिला। ये स्कूल संत अमरीक देव द्वारा चलाया जा रहा है। स्कूल के साथ यहाँ एक वृद्ध आश्रम भी चलाया जा रहा है। ख़ास बात ये है कि यहाँ करीब 3000 बच्चे बिल्कुल फ्री पढ़ाये जाते हैं ,फीस के नाम पर उनसे एक भी पैसा नहीं लिया जाता। यहाँ रहने वाले 400 वृद्धों की भी निःशुल्क सेवा की जाती है। यही नहीं सभी बच्चों को पुस्तकों का वितरण भी बिल्कुल फ्री किया जाता है। हमारे करनाल शहर के लिए ये बहुत गर्व की बात है। संत अमरीक देव जी को मेरा नमन। एक ब्लॉग में पहले भी लिखा था कि संत अमरीक देव उड़न पारी कल्पना चावला के uncle हैं।
- चंडीगढ़ पुलिस सच में गुंडों की तरह लगने लगी है।चंडीगढ़ में घुसते ही लगभग सभी चौंक पर पुलिस वालों को स्निफर डॉग्स की तरह गाड़ियों के आस पास सूंघते हुए उन्हें कोई भी देखेगा तो ऐसा लगेगा की यहाँ की पुलिस बहुत अलर्ट है। असल में ये लोग शिकार को ढूंढ रहे होते हैं। दूसरी स्टेट की गाड़ियों को ये पुलिस वाले ऐसे रोकते हैं मानो सभी चोर या उग्रवादी दूसरी स्टेट्स में हैं। रोकने के बाद ये लोग गाड़ी में या कागज़ों में कोई न कोई कमी निकाल देते हैं। परेशानी से बचने के लिए गाड़ी वाले इन की जेब गर्म कर देते हैं। सहयोग और सुरक्षा के नाम पर इन वर्दी वाले गुण्डों ने सच में आतंक मचाया हुआ है। पिछले दिनों मेरे बेटे को दो बार चंडीगढ़ जाना पड़ा और दोनी ही बार वो इन वर्दी वाले गुंडों का शिकार हुआ।
- माता -पिता की आँखों का सफल ऑपरेशन हो गया है।
- मेरे दोस्त समीर ने 4 अगस्त को अपनी शादी की 25 वीं सालगिरह धूम धाम से मनाई। इस समारोह में नज़दीकी दोस्त और सगे सम्बन्धी शामिल हुए। मैं भी परिवार सहित इस समारोह में शामिल हुआ। नीरू व समीर को इस ख़त के ज़रिए पुनः हार्दिक शुभकामनायें। सादगी और प्रेम से भरपूर ये प्रोग्राम हमेशा के लिए यादगार बन गया। इसी दिन समीर के पापा "सुन्दर पाल "जी का जन्म दिन भी था। उनके जन्म दिन को मनाना "सोने पे सुहागे " की तरह हो गया।
- स्कूल में बच्चों के साथ cultural ,educational ,literary और social प्रोग्राम में मेरी उपस्थिति रहती है। बच्चों के अंदर छिपी सृजनात्मकता को एक दिशा देने की ज़रुरत होती है। मुझे इस बात का गर्व है कि मेरे साथी अध्यापक बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने में बखूबी अपना काम रहे हैं। स्कूल में आज़ादी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हर वर्ष की तरह लड़कियों ने तिरंगा झंडा फहराया।
- आप को बता दूँ के बिटिया याशिका अपने कॉलेज की Vice President चुनी गई है। उसकी इस उपलब्धि से हम सभी गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं। शुभकामनायें याशिका !
- आज रक्षा बंधन है। आओ सब मिलकर इस शुभ अवसर पर सभी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का प्रण लें।
- फिर मिलते हैं ! जय हिन्द !