कल नरेश के पिता की मृत्यु हो गई। उसने दोस्तों को इन्फॉर्म करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। उसने अपने स्टेटस पर पोस्ट किया ,"पिता की मृत्यु हो गई है ,अंतिम संस्कार कल रविवार को सुबह 11 बजे होगा। अलग से कोई कार्ड नहीं भेजा जा रहा है। " जिस ने भी दोस्त के स्टेटस को देखा "लाइक " कर दिया।नरेश अपने स्टेटस को देख कर खुश था। शाम तक उसके स्टेटस में "550 लाइक" जुड़ चुके थे।
Tuesday, 10 June 2014
Saturday, 7 June 2014
A LETTER...... EK CHITHEE PART-14
दोस्तों ,
नमस्कार।
लगभग एक महीना हो गया है आप से रूबरू हुए। पिछला ख़त 7 अप्रैल को लिखा था। लिखने की ज़रुरत नहीं के विश्व के सब से बड़े और महानतम लोकतंत्र हिंदुस्तान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है।नरेंदर दामोदर दास मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपना काम शुरू कर दिया है। अब तक की कार्यवाही से लग रहा है के जल्द ही देश में सार्थक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। अपने मंत्री साथियों को पाँव छूने के बजाए काम करने पर बल देने की सलाह की सभी जगह प्रसंशा की जा रही है।
अप्रैल और मई का महीना कैसे बीता कुछ पता ही नहीं चला। याद करने की कोशिश करता हूँ तो लगता है के पिछले दो महीने जैसे बिना कोई सार्थक काम किए बीत गए। कर्ण पब्लिक स्कूल में काम करते करते और बच्चों के बीच रहते हुए समय कैसे उड़न छू हो जाता है ,सच में पता नहीं चलता। ये दो महीने पूरी तरह से स्कूल को समर्पित रहते हैं। एक तरफ बच्चों के एडमिशन का दबाव रहता है तो दूसरी और बच्चों को सही शिक्षा प्रदान करने के लिए सक्षम अध्यापकों के चयन के लिए भी खासी मशक्क़त करनी पड़ती है।शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इंग्लिश मीडियम की अंधी दौड़ बच्चों के भविष्य के साथ क्या गुल खिलाएगी,भगवान ही जानें।
अमेरिका से आए पारिवारिक दोस्त मंजीत चीमा से मण्ढौर (अम्बाला )में मुलाक़ात हुई। उनकी पत्नि भी साथ थी। फॉर्मल बातचीत के बाद फ़ोटो सैशन हुआ और एक दूसरे से विदा ली। आजकल मोबाइल फ़ोन ही कैमरा बन गए हैं। झटपट फ़ोटो खींचो और डाल दो सोशल साइट पर।मंजीत भाई अमेरिका आने से पहले कभी कभी बात कर लिया करते थे लेकिन इस मुलाक़ात के बाद अभी तक उन से कोई बात नहीं हुई।
पिछले वर्ष शूट हुई फिल्म भुजंग के प्रदर्शन का सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। ख़ासकर कर्ण पब्लिक स्कूल करनाल के बच्चे। यही नहीं चंडीगढ़ से सुरेन भी अक्सर मैसेज कर पूछ लेता है ,"सर जी कब आ रही है। "यही नहीं फिल्म में एक अहम रोल निभाने वाले कलाकार समीर ने तो प्रण कर लिया है के इस फिल्म के रिलीज़ होने के बाद ही वो कोई अगली फिल्म साइन करेगा। फिल्म के डायरेक्टर मोहिन्दर से इस सिलसिले में जब भी बात होती है तो उस का बस यही जवाब होता है ,"यार फिल्म सबमिट करवा दी है और पास भी हो गई है ,आगे पैसे रिलीज़ करें तो पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू करें। "सरकारी तंत्र में स्टैम्प लगवाने और फाइलों को इधर उधर करवाने के चक्कर में लोगों के सपने कैसे दब कर रह जाते हैं। ये इस का अच्छा उदाहरण है। हालांकि मोहिन्दर पूर्ण रूप से आशान्वित है के फिल्म १००%रिलीज़ होगी। कल उस की डिपार्टमेंट के लोगों से मीटिंग भी है। "शुभकामनायें दोस्त। "
गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं। पारा 47*तक पहुँच चुका है। गर्म हवाओं और आग उगलती गर्मी के कारण दोपहरी को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।आज कल अलसुबह सैर पर निकल जाता हूँ। अपने मोबाइल से कुछ फोटो खींच कर फेस बुक पर अपलोड कर देता हूँ। आजकल तरबूज़ बेचने वाले जगह -जगह नज़र आ जाते हैं। अपनी सेहत को लेकर लोग जागरूक हो गए हैं। हर जगह योग शिविर चल रहे हैं। आप सब भी अपनी सेहत का ध्यान रखें। इस उम्मीद के साथ के फिर मिलेंगे ,अलविदा दोस्तों !
To be continued.............!
नमस्कार।
लगभग एक महीना हो गया है आप से रूबरू हुए। पिछला ख़त 7 अप्रैल को लिखा था। लिखने की ज़रुरत नहीं के विश्व के सब से बड़े और महानतम लोकतंत्र हिंदुस्तान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है।नरेंदर दामोदर दास मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपना काम शुरू कर दिया है। अब तक की कार्यवाही से लग रहा है के जल्द ही देश में सार्थक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। अपने मंत्री साथियों को पाँव छूने के बजाए काम करने पर बल देने की सलाह की सभी जगह प्रसंशा की जा रही है।
अप्रैल और मई का महीना कैसे बीता कुछ पता ही नहीं चला। याद करने की कोशिश करता हूँ तो लगता है के पिछले दो महीने जैसे बिना कोई सार्थक काम किए बीत गए। कर्ण पब्लिक स्कूल में काम करते करते और बच्चों के बीच रहते हुए समय कैसे उड़न छू हो जाता है ,सच में पता नहीं चलता। ये दो महीने पूरी तरह से स्कूल को समर्पित रहते हैं। एक तरफ बच्चों के एडमिशन का दबाव रहता है तो दूसरी और बच्चों को सही शिक्षा प्रदान करने के लिए सक्षम अध्यापकों के चयन के लिए भी खासी मशक्क़त करनी पड़ती है।शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इंग्लिश मीडियम की अंधी दौड़ बच्चों के भविष्य के साथ क्या गुल खिलाएगी,भगवान ही जानें।
अमेरिका से आए पारिवारिक दोस्त मंजीत चीमा से मण्ढौर (अम्बाला )में मुलाक़ात हुई। उनकी पत्नि भी साथ थी। फॉर्मल बातचीत के बाद फ़ोटो सैशन हुआ और एक दूसरे से विदा ली। आजकल मोबाइल फ़ोन ही कैमरा बन गए हैं। झटपट फ़ोटो खींचो और डाल दो सोशल साइट पर।मंजीत भाई अमेरिका आने से पहले कभी कभी बात कर लिया करते थे लेकिन इस मुलाक़ात के बाद अभी तक उन से कोई बात नहीं हुई।
पिछले वर्ष शूट हुई फिल्म भुजंग के प्रदर्शन का सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। ख़ासकर कर्ण पब्लिक स्कूल करनाल के बच्चे। यही नहीं चंडीगढ़ से सुरेन भी अक्सर मैसेज कर पूछ लेता है ,"सर जी कब आ रही है। "यही नहीं फिल्म में एक अहम रोल निभाने वाले कलाकार समीर ने तो प्रण कर लिया है के इस फिल्म के रिलीज़ होने के बाद ही वो कोई अगली फिल्म साइन करेगा। फिल्म के डायरेक्टर मोहिन्दर से इस सिलसिले में जब भी बात होती है तो उस का बस यही जवाब होता है ,"यार फिल्म सबमिट करवा दी है और पास भी हो गई है ,आगे पैसे रिलीज़ करें तो पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू करें। "सरकारी तंत्र में स्टैम्प लगवाने और फाइलों को इधर उधर करवाने के चक्कर में लोगों के सपने कैसे दब कर रह जाते हैं। ये इस का अच्छा उदाहरण है। हालांकि मोहिन्दर पूर्ण रूप से आशान्वित है के फिल्म १००%रिलीज़ होगी। कल उस की डिपार्टमेंट के लोगों से मीटिंग भी है। "शुभकामनायें दोस्त। "
गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं। पारा 47*तक पहुँच चुका है। गर्म हवाओं और आग उगलती गर्मी के कारण दोपहरी को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।आज कल अलसुबह सैर पर निकल जाता हूँ। अपने मोबाइल से कुछ फोटो खींच कर फेस बुक पर अपलोड कर देता हूँ। आजकल तरबूज़ बेचने वाले जगह -जगह नज़र आ जाते हैं। अपनी सेहत को लेकर लोग जागरूक हो गए हैं। हर जगह योग शिविर चल रहे हैं। आप सब भी अपनी सेहत का ध्यान रखें। इस उम्मीद के साथ के फिर मिलेंगे ,अलविदा दोस्तों !
To be continued.............!
Subscribe to:
Comments (Atom)




